Raebareli: रायबरेली शहर के सर्वोदय नगर में सड़क की बदहाली ने स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है। मुख्य रास्ते पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। पानी की निकासी नहीं होने के कारण सड़क जगह-जगह से टूटकर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश या आसपास से आने वाला पानी इन गड्ढों में जमा होकर कीचड़ का रूप ले लेता है, जिससे लोगों को संभलकर रास्ता पार करना पड़ता है।
जलनिकासी नहीं होने से सड़क पर जमा रहता है गंदा पानी

स्थानीय लोगों के मुताबिक, समस्या केवल बारिश के दिनों तक सीमित नहीं है। रास्ते पर पानी जमा रहने से सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कई जगहों पर कीचड़ इतना अधिक है कि पैदल निकलना भी आसान नहीं रह गया है। लोगों का कहना है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था हो जाए तो सड़क की स्थिति काफी हद तक सुधर सकती है, लेकिन लंबे समय से इस ओर कोई स्थायी पहल नहीं हुई।
गड्ढों के साथ बोल्डरों ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
रास्ते की बदहाली के बीच जगह-जगह पड़े बड़े बोल्डर भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। एक तरफ गड्ढों में भरा पानी और दूसरी तरफ रास्ते में पड़े पत्थर होने के कारण पैदल चलने वालों को रास्ता तलाशकर आगे बढ़ना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा हो गया है।
स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बदहाल रास्ते का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने और छुट्टी के बाद वापस लाने में अभिभावकों को परेशानी होती है। कीचड़ और गड्ढों के बीच बच्चों के फिसलने का खतरा बना रहता है। कई बार जलभराव के कारण रास्ता पार करना इतना मुश्किल हो जाता है कि बच्चों को दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ता है।
कीचड़ में गिरकर चोटिल हो चुकी हैं चांदनी
स्थानीय निवासी चांदनी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि इसी रास्ते पर चलते समय वह कीचड़ में फिसलकर गिर चुकी हैं और उन्हें चोट भी लगी। उनका कहना है कि रास्ते की खराब स्थिति के कारण पैदल निकलना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले रास्ते की मरम्मत कराई जाए।
बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में मुकेश दुबे को झेलनी पड़ती है परेशानी
स्थानीय निवासी मुकेश दुबे के अनुसार, सड़क खराब होने से बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने में काफी दिक्कत होती है। जलभराव और कीचड़ के कारण वाहन निकालना भी आसान नहीं रहता। उनका कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि काफी समय से बनी हुई है। इसके बावजूद अभी तक ऐसा समाधान नहीं हुआ जिससे लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
15 सितंबर को लोगों ने उठाई आवाज, नगर पालिका से कार्रवाई की मांग
मंगलवार 15 सितंबर 2026 को करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने एक बार फिर प्रशासन और नगर पालिका का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया। लोगों ने मांग की कि पहले जलनिकासी की व्यवस्था ठीक कराई जाए और इसके बाद सड़क का समुचित निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि केवल अस्थायी तौर पर मिट्टी या पत्थर डालने से समस्या खत्म नहीं होगी।
लोगों ने कहा- अब आश्वासन नहीं, चाहिए स्थायी समाधान
सर्वोदय नगर के निवासियों का कहना है कि खराब रास्ते का असर बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और रोजाना पैदल आने-जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि लंबे समय से परेशानी होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से जल्द मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी और सड़क निर्माण की कार्रवाई शुरू कराने की मांग की है।
अब समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं स्थानीय निवासी
लोगों की मांग साफ है कि पहले पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए, गड्ढों को दुरुस्त किया जाए और फिर सड़क का मजबूत निर्माण कराया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बारिश और जलभराव के साथ समस्या और गंभीर हो सकती है। फिलहाल सर्वोदय नगर के लोग इसी उम्मीद में हैं कि जिम्मेदार विभाग उनकी परेशानी को गंभीरता से लेते हुए जल्द राहत पहुंचाएगा।










