Ranchi: अस्पतालों और क्लीनिकों को लगाना होगा रेट चार्ट, डॉक्टरों की फीस से लेकर बेड चार्ज तक की देनी होगी जानकारी

सात दिनों के भीतर आदेश का पालन करने का निर्देश, निबंधन प्रमाणपत्र, डॉक्टरों की योग्यता और मरीजों के अधिकार भी करने होंगे प्रदर्शित

Ranchi: राजधानी रांची के सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में अब इलाज से जुड़ी जरूरी जानकारियां सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। मरीजों को इलाज से पहले खर्च की जानकारी मिल सके, इसके लिए सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने नया आदेश जारी किया है। इसके तहत सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को सात दिनों के भीतर निर्धारित निर्देशों का पालन करना होगा। आदेश का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।

रिसेप्शन पर लगाना होगा वैध निबंधन प्रमाणपत्र

आदेश के अनुसार, सभी अस्पतालों और क्लीनिकों को अपना वैध एवं अपडेट निबंधन प्रमाणपत्र या लाइसेंस ऐसी जगह प्रदर्शित करना होगा, जहां मरीज और उनके परिजन उसे आसानी से देख सकें। इसके लिए रिसेप्शन या किसी अन्य प्रमुख स्थान पर सूचना बोर्ड लगाया जा सकता है। इससे मरीजों को संबंधित स्वास्थ्य संस्थान के वैध निबंधन की जानकारी मिल सकेगी।

डॉक्टरों की फीस से लेकर बेड चार्ज तक बताना होगा

स्वास्थ्य संस्थानों को अपनी सेवाओं की अपडेट रेट लिस्ट भी सार्वजनिक करनी होगी। इसमें डॉक्टरों की परामर्श फीस, विभिन्न जांचों का शुल्क, चिकित्सा प्रक्रियाओं का खर्च, बेड चार्ज और अन्य सेवाओं के शुल्क का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। यह सूची ऐसे स्थान पर लगानी होगी, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से उसे पढ़ सकें। इससे इलाज शुरू कराने से पहले संभावित खर्च का अनुमान लगाया जा सकेगा और शुल्क को लेकर होने वाले भ्रम एवं विवादों में कमी आएगी।

डॉक्टरों की डिग्री और विशेषज्ञता की जानकारी भी होगी सार्वजनिक

अस्पतालों और क्लीनिकों को वहां कार्यरत डॉक्टरों का नाम, शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण का विवरण, विशेषज्ञता और परामर्श अथवा ड्यूटी का समय भी प्रदर्शित करना होगा। इससे मरीजों को संबंधित डॉक्टर की योग्यता और विशेषज्ञता की जानकारी मिलेगी। वे अपनी बीमारी और जरूरत के अनुसार डॉक्टर का चयन कर सकेंगे।

चिकित्सा सुविधाओं और मरीजों के अधिकारों का भी करना होगा खुलासा

आदेश में स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी भी सार्वजनिक करने को कहा गया है। इसके साथ ही मरीजों के अधिकार, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और लागू नियमों के तहत जरूरी अन्य जानकारियां भी प्रदर्शित करनी होंगी। इसका मकसद मरीजों और उनके परिजनों को शिकायत निवारण की व्यवस्था से अवगत कराना है, ताकि किसी तरह की परेशानी होने पर वे उचित माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

सात दिनों में पालन नहीं करने पर हो सकती है कार्रवाई

सिविल सर्जन कार्यालय ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को आदेश जारी होने की तारीख से सात दिनों के भीतर निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके बाद भी इन व्यवस्थाओं को लगातार बनाए रखना होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में जाकर जांच करेंगे कि निर्धारित जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं या नहीं। किसी तरह की कमी अथवा नियमों का उल्लंघन मिलने पर इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।

Other Latest News

Leave a Comment