Republic Day blanket distribution Satwa Kheda: रायबरेली जिले के सरेनी थाना क्षेत्र में बसा छोटा सा गांव सातवा खेड़ा 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर खुशियों और उत्साह से गूंज उठा। जहां पूरे देश में तिरंगा लहराया जा रहा था, वहीं इस गांव में ग्रामीणों ने न सिर्फ राष्ट्रभक्ति दिखाई, बल्कि गरीबों की मदद का भी एक बड़ा उदाहरण पेश किया। बड़ी संख्या में लोग एक जगह जमा हुए और इस खास दिन को यादगार बनाने में जुट गए।
युवा प्रत्यासी हंसराज के नेतृत्व में हुआ खास कार्यक्रम/Republic Day blanket distribution Satwa Kheda
इस पूरे आयोजन की कमान संभाली युवा प्रधान प्रत्यासी हंसराज ने। हंसराज, जो गांव के निवासी हैं और युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं, ने इस मौके पर एक विशेष कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में लगभग 100 गरीब और असहाय लोगों को गर्म-गर्म कंबल भेंट किए गए। सर्दियों की इस कड़ाके की ठंड में ये कंबल उन लोगों के लिए वरदान साबित हुए, जो रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलों से जूझते हैं।

कंबल मिलते ही लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। कई बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया, महिलाओं ने खुशी-खुशी कंबल ओढ़ लिए और बच्चे भी मुस्कुराते नजर आए। ये देखकर लग रहा था कि छोटे-छोटे उपहार भी कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। हंसराज ने खुद हाथों-हाथ कंबल बांटे और हर व्यक्ति से बात की, उनकी हालचाल जानी।
हंसराज का भावुक संबोधन: शहीदों को याद किया, विकास का संकल्प लिया
कार्यक्रम के दौरान हंसराज ने सबके सामने दिल खोलकर बात की। उन्होंने कहा, “गणतंत्र दिवस हमारे लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि गौरव का दिन है। यह आजादी और गणतंत्र हमें लाखों शहीदों के बलिदान से मिला है। उनके खून से लिखी गई इस किताब को हम कभी नहीं भूल सकते। उनकी कुर्बानी को याद रखना और उनके सपनों को पूरा करना हमारा फर्ज है।”
हंसराज ने आगे कहा कि गांव में अभी भी कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। सड़कें, पानी, बिजली, स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना जरूरी है। उन्होंने सबके सामने संकल्प लिया, “अगर मुझे मौका मिला तो मैं प्राथमिकता देकर इन अधूरे कामों को पूरा करवाऊंगा। आने वाले समय में मैं दिन-रात प्रयास करूंगा कि गांव का हर विकास कार्य गति पकड़े और जल्द से जल्द पूरा हो जाए।”
गरीबों को भरोसा दिया, अब कोई भी ठंड से नहीं ठिठुरेगा
हंसराज ने कंबल बांटते वक्त गरीबों और जरूरतमंदों को खास तौर पर आश्वस्त किया। उन्होंने कहा, हमारे कार्यकाल में कोई भी गरीब ठंड से नहीं ठिठुरेगा। कमजोर वर्ग के हर व्यक्ति की मदद करना मेरा सबसे बड़ा दायित्व होगा। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा, चाहे कोई भी मुश्किल आए।
यह बातें सुनकर लोगों में जोश भर गया। कई ग्रामीणों ने कहा कि हंसराज जैसे युवा नेता गांव के लिए वरदान हैं। वे न सिर्फ बातें करते हैं, बल्कि काम भी करके दिखाते हैं। कंबल वितरण जैसे छोटे लेकिन सार्थक कदम से लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ।
गांव में बढ़ा सामाजिक एकता का माहौल
यह कार्यक्रम सिर्फ कंबल बांटने तक सीमित नहीं रहा। इसमें ग्रामीणों ने राष्ट्रगान गाया, तिरंगा लहराया और देशभक्ति के नारे लगाए। बच्चे-बूढ़े, जवान-महिलाएं सब एक साथ शामिल हुए। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा गांव एक परिवार बन गया हो।
सातवा खेड़ा जैसे छोटे गांव में ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं। लोग समझते हैं कि राष्ट्रसेवा सिर्फ बड़े-बड़े कामों में नहीं, बल्कि छोटी-छोटी मदद में भी छिपी है। हंसराज का यह प्रयास न सिर्फ गरीबों की मदद कर रहा है, बल्कि युवाओं को भी प्रेरित कर रहा है कि वे अपने आसपास के लोगों की भलाई के लिए आगे आएं।
ठंड में राहत और उम्मीद की किरण
इस साल की सर्दी काफी तेज है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में पारा गिरकर जम गया है। ऐसे में कंबल जैसी छोटी चीज भी जीवन रक्षक बन जाती है। हंसराज के इस कार्यक्रम से 100 परिवारों को न सिर्फ गर्मी मिली, बल्कि उम्मीद भी जगी कि कोई है जो उनकी परवाह करता है।
यह खबर बताती है कि राजनीति सिर्फ चुनाव और कुर्सी की नहीं होती। इसमें सेवा, समर्पण और लोगों के दुख-दर्द में शामिल होना भी शामिल है। हंसराज जैसे युवा अगर ऐसे काम करते रहेंगे तो गांवों का चेहरा बदल सकता है।










