Meerut: मेरठ में हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही के कथित विवादित बयानों को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग सामने आई है। आजाद समाज पार्टी के नेता बदर अली ने पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धार्मिक स्थलों को लेकर दिए गए कथित बयानों से शहर के संवेदनशील माहौल पर असर पड़ सकता है।
जामा मस्जिद और केसरगंज मंडी की मस्जिद का जिक्र

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सचिन सिरोही ने मेरठ की जामा मस्जिद और केसरगंज मंडी क्षेत्र स्थित मस्जिद को लेकर ऐसी टिप्पणियां की हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता ने आपत्तिजनक और विवाद बढ़ाने वाला बताया है। बदर अली ने पुलिस से मांग की है कि कथित बयानों की वास्तविकता की जांच की जाए और यह देखा जाए कि उनमें कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
भाईचारे पर असर पड़ने की जताई आशंका
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मेरठ जैसे संवेदनशील शहर में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक बयानबाजी का असर व्यापक हो सकता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसी टिप्पणियों से अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ने और आपसी सौहार्द प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी आधार पर पुलिस से समय रहते मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
पुराने मामले का भी शिकायत में उल्लेख
बदर अली की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में सचिन सिरोही से जुड़े पूर्व के मामलों का भी जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कैंट स्टेशन स्थित मस्जिद से संबंधित एक मामले में उनके खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज होने का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस से तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कथित बयान कानून के दायरे का उल्लंघन करते पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही धार्मिक स्थलों को लेकर ऐसी बयानबाजी पर प्रभावी रोक लगाने की मांग भी की गई है।
जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर
फिलहाल मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के स्तर पर है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित बयान किस संदर्भ में दिए गए थे और उनमें किसी कानूनी प्रावधान का उल्लंघन हुआ है या नहीं। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।










