Ganesh Puja 2026: ओडिशा के भद्रक जिले के बासुदेवपुर ब्लॉक क्षेत्र में गणेश पूजा को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। नायकनिधि पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोविंदापुर पंचायत अंतर्गत ब्रजानंदपुर चक में सिद्धि विनायक यूथ संघ की ओर से लगातार दूसरे वर्ष गणेश पूजा का आयोजन किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से ही खासा उत्साह नजर आया।
पूजा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सिद्धि विनायक यूथ संघ के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। पूजा स्थल पर आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन किए और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।
हजारों लोगों के लिए हुआ भोज
गणेश पूजा के अवसर पर संघ की ओर से हजारों लोगों के लिए सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। पूजा के बाद लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों की ओर से भोजन व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की गई थी, ताकि आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
पूजा के साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन
गणेश पूजा को सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया। सिद्धि विनायक यूथ संघ की ओर से लोगों के मनोरंजन और सहभागिता के लिए कई तरह के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इससे पूरे इलाके में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
युवाओं ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
पूरे कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका सबसे अहम रही। पूजा की तैयारियों से लेकर लोगों के स्वागत, भोजन व्यवस्था और कार्यक्रमों के संचालन तक संघ के सदस्यों ने जिम्मेदारी संभाली। दूसरे वर्ष आयोजन होने के बावजूद उत्साह में किसी तरह की कमी नहीं दिखी। सदस्यों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
इन लोगों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में सिद्धि विनायक यूथ संघ के बिक्रम प्रधान के साथ राजीव दास, बैरागी घड़ई, तपस, सरोज, दीपू, लालू, झुनू, ऋषिकेश, किशोर जेना, अमिया जेना, लिंकुनू, बॉबी, खजुनू, मुरली प्रधान, शशिकांत दास, बैंशी नायक, अनंत जेना समेत संघ के कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।
अगले साल भी बड़े आयोजन की उम्मीद
लगातार दूसरे वर्ष गणेश पूजा आयोजित कर सिद्धि विनायक यूथ संघ ने स्थानीय स्तर पर इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। पूजा, सामूहिक भोज और कार्यक्रमों के जरिए लोगों को एक मंच पर लाने की पहल को स्थानीय स्तर पर भी उत्साह के साथ देखा गया। आयोजन के दौरान श्रद्धा के साथ सामाजिक सहभागिता की तस्वीर भी देखने को मिली।










