Sheikh Aleem New Chapter Begins In MP: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में अधिवक्ता परिषद के चुनाव इस बार खास चर्चा में हैं, क्योंकि मैदान में एक ऐसा नाम उतरा है जिसे जनता पहले से ही पहचानती है—शेख अलीम (Sheikh Alim)। सामाजिक सेवा और राजनीति दोनों में अपनी सक्रिय भूमिका निभा चुके शेख अलीम अब अधिवक्ताओं की आवाज़ बनने के लिए चुनावी मैदान में हैं। खरगोन जिला एवं सत्र न्यायालय में उन्होंने अधिवक्ताओं से मुलाकात की और प्रथम वरीयता का मत देने की अपील की। उनके इस अभियान में कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने भी समर्थन जताया है। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है….
खरगोन में शेख अलीम का जनसंपर्क अभियान/Sheikh Aleem New Chapter Begins In MP
राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव के तहत शेख अलीम (Sheikh Alim) ने खरगोन जिला एवं सत्र न्यायालय में अधिवक्ता साथियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी से प्रथम वरीयता का मत देने की अपील की। इस दौरान उनके साथ खरगोन बार के अध्यक्ष एडवोकेट पवन बिल्लौरे, उपाध्यक्ष एडवोकेट युवराज गुजराती (Yuvraj Gujarati), सचिव एडवोकेट रविन्द्र यादव (Ravindra Yadav), एडवोकेट राहुल कुमार (Advocate Rahul Kumar) सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। इस जनसंपर्क के दौरान माहौल सौहार्दपूर्ण रहा और अधिवक्ताओं ने अलीम के अनुभव और समर्पण की सराहना की।

समर्थकों की लंबी सूची और मजबूत पकड़
शेख अलीम (Sheikh Alim) के साथ इस मौके पर एडवोकेट बलवंत सिंह, एम.ए. खान, शाहरुख मिर्जा, आजम मंसूरी, जाबिर शेख, शबीरुद्दीन शेख, शरीफ शेख, शाहिद खान, शादाब शेख, श्रेयश जोशी, शाकिर अली, जया पाराशर, प्रकाश मंडलोरे, आफताब बैग (Aftab Bag), सलमान खान (Salman Khan), वसीम कुरेशी (Wasim Qureshi) और लतीफ शेख जैसे अधिवक्ता शामिल रहे। इतने बड़े कानूनी समुदाय का साथ होना इस बात का संकेत है कि शेख अलीम (Sheikh Alim) की पकड़ अधिवक्ता समाज में मजबूत है और उनका जनसंपर्क अभियान लगातार प्रभावशाली बनता जा रहा है।
राजनीति से अधिवक्ता परिषद तक का सफर
पूर्व पार्षद शेख अलीम (Sheikh Alim) का सफर राजनीति से शुरू हुआ। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहे। अब वही ऊर्जा और जनसेवा की भावना लेकर वे अधिवक्ता परिषद के चुनाव में उतरे हैं। अलीम का कहना है कि वे अधिवक्ताओं के अधिकार, सुविधाओं और न्याय व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए काम करना चाहते हैं। राजनीतिक अनुभव के साथ उनका यह नया कदम अधिवक्ता समाज के लिए उम्मीद का प्रतीक माना जा रहा है।
अजमेर दरगाह से लेकर क्षेत्रीय विकास तक योगदान
शेख अलीम (Sheikh Alim) केवल एक राजनेता या अधिवक्ता नहीं, बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी पहचाने जाते हैं। वे दो बार अजमेर दरगाह (Ajmer Dargah) के चेयरमैन रह चुके हैं, जिसे केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल में उन्होंने न केवल धार्मिक स्थलों के विकास में योगदान दिया, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर शिक्षा, स्वच्छता और सामाजिक कार्यों को भी बढ़ावा दिया। यही अनुभव अब वे अधिवक्ता परिषद के मंच पर लेकर आना चाहते हैं ताकि समाजसेवा और न्याय—दोनों का संतुलन बनाए रखा जा सके।










