Smart City Action In UP: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) ने शहरों की तस्वीर बदल दी है। वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और घाटों का पुनरुद्धार, जबकि लखनऊ (Lucknow) में स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट और हेल्थ एटीएम जैसी सुविधाओं ने नागरिक जीवन को सहज और आधुनिक बनाया है। इन प्रोजेक्ट्स ने न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए अनुभव को भी बेहतर बनाया है। 17 स्मार्ट शहरों और 57 स्मार्ट नगरपालिकाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश से बदलाव की रफ्तार बढ़ी है। हालांकि, अभी कुछ चुनौतियां बाकी हैं, जैसे सीवरेज और जलभराव की समस्या। तो चलिए जानते हैं पूरी खबर क्या है…
वाराणसी और लखनऊ में आधुनिकता की शुरुआत/Smart City Action In UP
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) ने स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission) के तहत अपनी राजधानी लखनऊ (Lucknow) और वाराणसी (Varanasi) में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में बड़ा बदलाव किया है। इन शहरों में डिजिटलाइजेशन, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार ने लगभग 40,000 करोड़ रुपये की योजना के तहत शहरों में नई टेक्नोलॉजी और बुनियादी ढांचे के विकास को तेज किया है। इस पहल से न केवल शहरों का स्वरूप बदल रहा है, बल्कि नागरिकों की जीवनशैली भी सुगम और आधुनिक बन रही है। स्मार्ट सिटी मिशन ने नगर विकास और जीवन शैली में आधुनिकता का संतुलन स्थापित कर दिया है।

आधुनिकता का नया चेहरा
वाराणसी (Varanasi) में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने धार्मिक पर्यटन को पूरी तरह बदल दिया है। काशी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (KICCC) शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक और आपातकालीन सेवाओं में मदद कर रहा है। गंगा के घाटों का पुनरुद्धार, सीएनजी नौकाओं की व्यवस्था और ई-रिक्शा पार्किंग जैसी सुविधाओं ने पर्यटकों और नागरिकों का अनुभव बेहतर बनाया है। लखनऊ (Lucknow) में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) ने स्मार्ट कैमरों और ट्रैफिक सिग्नल ऑटोमेशन के जरिए शहर के ट्रैफिक को नियंत्रित किया है। हेल्थ एटीएम और सार्वजनिक पार्कों में डिजिटल सेवाएं नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और सुविधा के नए आयाम जोड़ रही हैं।
प्रशासन ने दिखाई सक्रियता
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वाराणसी और लखनऊ (Lucknow) में प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। वाराणसी में घाटों की सफाई, रोपवे प्रोजेक्ट (Ropeway Project) और स्मार्ट पार्किंग ने पर्यटन को सुगम बनाया है। लखनऊ में अंडरग्राउंड डस्टबिन, इलेक्ट्रिक बसें और गोमती रिवरफ्रंट का विकास शहर के स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों को बढ़ा रहा है। नगर विकास विभाग ने बताया कि स्मार्ट सुविधाओं की निगरानी लगातार की जा रही है। प्रशासन ने सभी उपायों के माध्यम से नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि तकनीक और सुरक्षा दोनों एक साथ सुनिश्चित हैं।
स्मार्ट शहरों की राह जारी
हालांकि स्मार्ट सिटी मिशन से शहरों में सकारात्मक बदलाव आया है, कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। बारिश के दौरान जलभराव, सीवरेज सिस्टम का आधुनिकीकरण और संकरी गलियों में ट्रैफिक समस्या अभी पूरी तरह हल नहीं हुई है। लेकिन वाराणसी में भूमिगत केबलिंग, लखनऊ में इलेक्ट्रिक बसों और ITMS जैसी योजनाएं आने वाले समय में शहरों को और आधुनिक बनाएंगी। राज्य सरकार (State Government) ने इस दिशा में तेजी से काम किया है और स्मार्ट शहरों के विकास को ‘ईज ऑफ लिविंग’ के विजन के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। ये पहल केवल इमारतों और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिक जीवन को बेहतर बनाने का बड़ा कदम हैं।










