रायबरेली (Raebareli) पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी तबादला सूची के अनुपालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। गदागंज थाने में तैनात उपनिरीक्षक अजय पटेल का स्थानांतरण बछरावां थाना क्षेत्र की थोलेंडी चौकी के लिए किए जाने का आदेश जारी हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार उन्हें अब तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इससे विभागीय आदेशों के पालन और थाना स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी स्थानांतरण आदेश के बाद संबंधित उपनिरीक्षक को नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करना था। इसके लिए थाना स्तर से कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया पूरी की जानी थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका। नतीजतन, संबंधित दारोगा अभी भी गदागंज थाने में ही कार्यरत बताए जा रहे हैं।

इस मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला, जब स्थानांतरण आदेश प्रभावी है तो उसकी पालना में देरी क्यों हो रही है? दूसरा, क्या कार्यमुक्त न किए जाने के पीछे कोई प्रशासनिक कारण है या फिर किसी स्तर पर आदेश के अनुपालन में लापरवाही बरती जा रही है? यदि कोई वैधानिक या विभागीय बाध्यता है तो उसका स्पष्ट उल्लेख अब तक क्यों नहीं किया गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस विभाग में स्थानांतरण आदेश अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे आदेशों का समय पर पालन न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि यदि एक अधिकारी के तबादला आदेश के पालन में ही विलंब हो रहा है, तो अन्य विभागीय आदेशों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उपनिरीक्षक को किस कारण से कार्यमुक्त नहीं किया गया। यदि किसी प्रशासनिक आवश्यकता या उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उन्हें रोका गया है, तो विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने से अनावश्यक अटकलों पर विराम लग सकता है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक के आदेश का अनुपालन कब तक सुनिश्चित होता है और विभाग इस मामले पर क्या आधिकारिक रुख अपनाता है।










