Raebareli News : नरौका निवासी पीड़ित परिवार ने दबंगों पर बैनामा की जमीन पर अवैध कब्जे की लगाई शिकायत

न्याय की गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में भूमि विवाद का एक और मामला सामने आया है। भदोखर थाना क्षेत्र के नरौका गांव की निवासी उर्मिला देवी और उनके परिवार ने दबंगों द्वारा उनकी बैनामा स्थित जमीन पर किए जा रहे अवैध कब्जे के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित परिवार ने न केवल अवैध कब्जे को हटाने की मांग की, बल्कि दबंगों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष उन्हें मारपीट और जान से मारने की धमकियां दे रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में जी रहा है।

घटना आज दोपहर करीब 2:00 बजे की है, जब उर्मिला देवी पत्नी कमलेश कुमार अपने पूरे परिवार के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में विस्तार से मामले का जिक्र किया। उर्मिला देवी ने बताया कि उनकी पैतृक जमीन बैनामा क्षेत्र में स्थित है, जो उनके नाम पर रजिस्टर्ड है। लेकिन विपक्षी दबंगों—दिनेश पुत्र स्वर्गीय रामशरण, राजू पुत्र राम चरण, संजय पुत्र राम चरण, शैलेंद्र पुत्र दिनेश और कुछ अज्ञात व्यक्तियों—द्वारा इस जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो दबंगों ने न केवल मारपीट की धमकी दी, बल्कि जान से मारने की भी चेतावनी दी।

उर्मिला देवी ने अपने बयान में भावुक होकर कहा, “हमारा पूरा परिवार इस डर से कांप रहा है। हमारी जमीन हमारी एकमात्र आजीविका का स्रोत है। ये दबंग लोग दिन-रात हम पर दबाव बना रहे हैं। हमने थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब हम जिलाधिकारी महोदय से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। कृपया इन दबंगों पर सख्त एक्शन लें, वरना हमारा परिवार बेघर हो जाएगा।” उनके पति कमलेश कुमार ने भी साथ दिया और कहा, “ये लोग हमारी जमीन पर न केवल कब्जा कर रहे हैं, बल्कि फसल उगाने और बेचने की भी कोशिश कर रहे हैं। हमारे सभी दस्तावेज सही हैं, फिर भी ये अन्याय हो रहा है।”

भूमि विवाद की पृष्ठभूमि

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बैनामा क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों से भूमि संबंधी विवाद बढ़ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में पैतृक संपत्ति पर दबंगों का कब्जा एक आम समस्या बन चुकी है। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनकी जमीन का बैजनामा (बैनामा) उनके पूर्वजों के नाम पर दर्ज है और सभी राजस्व रिकॉर्ड उनके पक्ष में हैं। विपक्षी पक्ष ने इस आरोप पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। भदोखर थाने के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि प्रारंभिक शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिलाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायती पत्र प्राप्त होने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। डीएम ने तत्काल भदोखर थाने को निर्देश जारी किए हैं कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अवैध कब्जे की जांच कराई जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम भूमि विवादों को शून्य सहनशीलता की नीति से निपटाते हैं। राजस्व टीम को जमीन के दस्तावेजों की जांच के लिए भेजा जा रहा है। यदि कब्जा अवैध पाया गया, तो तुरंत हटाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

ग्रामीणों का समर्थन

नरौका गांव के अन्य ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार का समर्थन किया है। एक स्थानीय निवासी रामप्रकाश ने कहा, “ये दबंग लोग पूरे गांव को डरा रहे हैं। अगर प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। हम सभी पीड़ितों के साथ खड़े हैं।” गांव में कई अन्य परिवार भी इसी तरह के विवादों से जूझ रहे हैं, जो भूमि माफिया की बढ़ती सक्रियता को दर्शाता है।

आगे की राह

यह मामला रायबरेली जिले में भूमि सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को और मजबूत करता है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि 48 घंटों के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी। फिलहाल, पीड़ित परिवार को थाने पर सुरक्षा प्रदान की गई है।

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