Turkman Gate violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाल ही में हुई हिंसा और पत्थरबाजी के मामले में पुलिस की जांच अब नए मोड़ ले रही है। पुलिस ने न सिर्फ पत्थरबाजों की पहचान की है, बल्कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों को भी निशाने पर लिया है। इनमें एक महिला भी शामिल है, जिसका नाम ऐमन रिजवी बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ऐमन रिजवी जामिया मिलिया इस्लामिया से जुड़ी हुई हैं और उनका इंस्टाग्राम अकाउंट काफी एक्टिव है। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए समन भेजा है।
क्या है पूरा मामला?/Turkman Gate violence
तुर्कमान गेट का यह मामला कुछ दिन पहले का है, जब दिल्ली नगर निगम (MCD) ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर हुई थी। कोर्ट ने नवंबर 2025 में MCD और PWD को तीन महीने के अंदर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन जैसे ही बुलडोजर चला, वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि पत्थरबाजी होने लगी। पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए, जिससे कई पुलिसवाले घायल हो गए।

इस हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्ती दिखाई। एक कॉन्स्टेबल की शिकायत पर FIR दर्ज की गई और कई धाराओं के तहत केस चलाया जा रहा है। पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। CCTV फुटेज, ड्रोन कैमरे और वायरल वीडियो की मदद से पुलिस ने 30 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की है। छापेमारी चल रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
पुलिस की जांच में पता चला कि यह हिंसा पूरी तरह प्लान्ड थी। कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और भड़काऊ वीडियो पोस्ट करके भीड़ को उकसा रहे थे। मस्जिद पर हमले की अफवाह फैलाई गई, जिससे लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस ने ऐसे कई अकाउंट्स की जांच शुरू की है।
इसी कड़ी में ऐमन रिजवी का नाम सामने आया है। ऐमन का इंस्टाग्राम अकाउंट ऐमन रिजवी के नाम से चलता है और वह काफी पॉपुलर हैं। पुलिस का कहना है कि उन्होंने मस्जिद पर गलत जानकारी वायरल की, जिससे माहौल खराब हुआ। ऐमन जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से जुड़ी बताई जा रही हैं – कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें स्टूडेंट या पूर्व स्टूडेंट कहा गया है। पुलिस ने उन्हें नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है कि उन्होंने क्या पोस्ट किया और इसका हिंसा से क्या कनेक्शन है।
इसके अलावा एक यूट्यूबर सलमान को भी नोटिस भेजा गया है, जो कथित तौर पर लोगों को भड़का रहे थे। पुलिस का कहना है कि जो भी अफवाह फैलाएगा या हिंसा भड़काएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन होगा।
राजनीतिक कनेक्शन भी जांच के दायरे में
यह मामला सिर्फ पत्थरबाजी तक सीमित नहीं है। पुलिस को शक है कि इसमें राजनीतिक लोग भी शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नादवी घटनास्थल पर मौजूद थे। पुलिस उन्हें भी समन भेजकर पूछताछ करेगी। उनके कॉल रिकॉर्ड्स और मौजूदगी की जांच हो रही है। कुछ विपक्षी नेता इसे मुस्लिम विरोधी कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ अवैध अतिक्रमण हटाने की कोर्ट ऑर्डर वाली एक्शन थी।
इलाके में अब क्या हालात हैं?
तुर्कमान गेट इलाके में अब शांति है, लेकिन तनाव बना हुआ है। धारा 163 लागू कर दी गई है, जिससे बड़ी भीड़ इकट्ठा नहीं हो सकती। पुलिस की भारी तैनाती है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और कह रहे हैं कि अतिक्रमण तो सालों से था, लेकिन रात में कार्रवाई क्यों की गई। दूसरी तरफ MCD का कहना है कि कोर्ट ऑर्डर का पालन करना उनका फर्ज था।
यह इलाका पहले भी विवादों में रहा है। 1976 के इमरजेंसी काल में यहां बड़े स्तर पर बुलडोजर चले थे, जिससे हजारों लोग बेघर हो गए थे। अब फिर बुलडोजर की चर्चा से पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।
निष्कर्ष
पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई है, जो 450 से ज्यादा वीडियो और CCTV फुटेज खंगाल रही है। जल्द ही और नाम सामने आएंगे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर नजर रखी जा रही है। अगर ऐमन रिजवी या दूसरे लोग दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।










