Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस (Republic Day) के पवित्र अवसर पर जहां पूरे देश में उत्साह और राष्ट्रभक्ति की लहर दौड़ रही थी, वहीं रायबरेली (Raebareli) जिले के सदर तहसील क्षेत्र के अमावा ब्लॉक के अंतर्गत स्थित पूरे जियालाल प्राथमिक विद्यालय में 10:00 तक भी यहां पर शिक्षक नहीं पहुंचे हैं एक बेहद दुखद और लापरवाही भरा मामला सामने आया है। यहां तैनात किसी भी शिक्षक ने आज विद्यालय में उपस्थिति नहीं दर्ज की, जबकि स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे तिरंगा हाथ में लिए उत्साह से भरे हुए स्कूल पहुंचे थे।
बच्चों ने ध्वजारोहण और राष्ट्रगान जैसी गतिविधियों के लिए पूरे जोश के साथ इंतजार किया, लेकिन शिक्षकों के न आने से पूरा माहौल उदास हो गया। इस स्थिति को देखते हुए गांव के गणमान्य व्यक्तियों और ग्रामीणों ने बच्चों को निराश नहीं होने दिया। उन्होंने बच्चों को लड्डू और मिठाइयां वितरित कीं तथा उन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही, शिक्षकों की इस मनमानी और लापरवाही का विरोध जताने के लिए उन्होंने घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि बच्चे तिरंगे लिए स्कूल के परिसर में खड़े हैं, लेकिन कोई शिक्षक मौजूद नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह न केवल शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा है, बल्कि बच्चों की भावनाओं और राष्ट्रप्रेम के साथ खिलवाड़ भी है। उन्होंने इसे “मानवीय संवेदना की कमी और मनमानी का जीता-जागता उदाहरण” करार दिया है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे लापरवाह और जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वे चाहते हैं कि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी तुरंत जांच शुरू करें और दोषियों पर अनुशासनात्मक एवं विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसा कोई मामला दोबारा न हो।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर बेसिक शिक्षा विभाग या जिला स्तर के किसी भी अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थिति और शिक्षकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ऐसे मामलों में जब बच्चे राष्ट्र के प्रति अपना प्रेम दिखाने के लिए उत्सुक होते हैं, तो शिक्षकों की अनुपस्थिति न केवल शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी को भी चुनौती देती है। उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेगा और उचित कदम उठाएगा।










