Mahila Shakti Sangathan Sambhal: संभल में बारिश के बीच भी नहीं थमा महिलाओं का जोश,महिला शक्ति संगठन ने धूमधाम से मनाई बसंत पंचमी।

Mahila Shakti Sangathan Sambhal:बारिश ने नहीं रोका उत्साह, पीले रंग में सजी महिलाएं।

Mahila Shakti Sangathan Sambhal: संभल जिले में मौसम ने थोड़ा मन मसोस लिया था। आसमान से लगातार बारिश हो रही थी, सड़कें गीली थीं और ठंड भी बढ़ गई थी। लेकिन इन सबके बावजूद महिला शक्ति संगठन की बहनों का उत्साह एक पल के लिए भी नहीं रुका। उन्होंने बसंत पंचमी का त्योहार और अपने संगठन का स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा से मनाया। यह कार्यक्रम हयातनगर इलाके में स्थित कन्या पाठशाला के हॉल में रखा गया था।

सुबह से ही महिलाएं पीले रंग की खूबसूरत साड़ियां पहनकर पहुंचने लगीं। पीला रंग बसंत पंचमी का प्रतीक है, जो वसंत ऋतु की खुशियां और नई शुरुआत का संदेश देता है। सभी बहनों ने मां सरस्वती के चित्र के सामने दीये जलाए, फूल चढ़ाए और मां से ज्ञान, बुद्धि और कला की कामना की। पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से भर गया था। बाहर बारिश की बूंदें गिर रही थीं, लेकिन अंदर हर चेहरा मुस्कुरा रहा था।

अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि ने काटा केक/Mahila Shakti Sangathan Sambhal

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संभल ब्लॉक की प्रमुख सुषमा चौधरी थीं। वे खुद भी महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक कामों में काफी सक्रिय रहती हैं। संगठन की अध्यक्ष दीपा वार्ष्णेय ने उनका स्वागत किया। सबसे पहले बसंत पंचमी की पूजा हुई, फिर संगठन के स्थापना दिवस के मौके पर एक बड़ा केक लाया गया।

सुषमा चौधरी और दीपा वार्ष्णेय ने मिलकर केक काटा। इसके बाद सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को केक खिलाया। यह पल बहुत ही प्यारा और भावुक था। केक कटते ही तालियां गूंज उठीं और माहौल और भी खुशनुमा हो गया। महिलाएं आपस में गले मिलीं, शुभकामनाएं दीं और संगठन की सफलता की कामना की।

गीत, संगीत और नृत्य से सजा कार्यक्रम

केक कटने के बाद कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियां शुरू हो गईं। महिलाओं ने बसंत पंचमी के गीत गाए, सरस्वती वंदना सुनाई और लोकगीतों पर थिरकती हुई नृत्य किया। छोटे-छोटे बच्चे भी मंच पर आए। उन्होंने शिक्षा से जुड़े नुक्कड़ नाटक और कविताएं पेश कीं। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियां देखकर सबकी आंखें नम हो गईं।

संगठन की अध्यक्ष दीपा वार्ष्णेय और अन्य सदस्याओं ने एक खास नाटक भी पेश किया। इस नाटक का मकसद परिवार में जागरूकता लाना था। नाटक में माता-पिता की जिम्मेदारियों, बच्चों की भावनाओं को समझने और परिवार में संवाद बढ़ाने का संदेश बहुत ही अच्छे तरीके से दिया गया। दर्शक बार-बार तालियां बजाते रहे और कई जगहों पर भावुक भी हो गए।

ब्लॉक प्रमुख ने की सराहना, कहा- महिलाओं का काम प्रेरणादायक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुषमा चौधरी ने कहा, “महिला शक्ति संगठन जो काम कर रहा है, वह वाकई काबिले-तारीफ है। शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और परिवारिक मूल्यों को मजबूत करने में इन बहनों का योगदान बहुत बड़ा है। महिलाएं जब संगठित होकर आगे आती हैं, तो न सिर्फ उनका परिवार मजबूत होता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक अच्छा उदाहरण बनता है। बारिश में भी इतना जोश देखकर खुशी हो रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे संगठन समाज में बदलाव लाते हैं। महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि समाज ज्यादा समृद्ध और खुशहाल बने।

अध्यक्ष दीपा वार्ष्णेय का संदेश, नीयत मजबूत तो बाधा कोई नहीं

संगठन की अध्यक्ष दीपा वार्ष्णेय ने अपने संबोधन में कहा, “आज बारिश हो रही थी, लेकिन हमारी बहनों का उत्साह देखकर लगा कि जब इरादा पक्का हो, नीयत साफ हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकती। हमारा संगठन शुरू से ही शिक्षा, अच्छे संस्कार और परिवार में जागरूकता फैलाने के लिए काम कर रहा है। आज हमने अपना स्थापना दिवस भी मनाया, जिसमें मुख्य अतिथि के साथ केक काटा और खुशियां बांटीं।”

उन्होंने बताया कि संगठन आगे भी ऐसे ही कार्यक्रम चलाता रहेगा। जरूरतमंद बेटियों की शादी में मदद, शिक्षा के प्रचार और महिलाओं को सशक्त बनाने जैसे काम जारी रहेंगे।

सभी सदस्याओं और स्थानीय लोगों की मौजूदगी

कार्यक्रम में महिला शक्ति संगठन की लगभग सभी सदस्याएं शामिल हुईं। साथ ही स्थानीय इलाके के कई लोग भी आए। सबने मिलकर इस खास मौके को यादगार बनाया। बाहर बारिश हो रही थी, लेकिन अंदर प्यार, एकता और उत्साह की बरसात हो रही थी।

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