रिपोर्ट : अविनाश कुमार
बोकारो के 35 वें उपायुक्त अजय नाथ झा अपने पूरे लाव – लश्कर के साथ आज गोमिया प्रखंड के ललपनिया में रात बिताएंगे। बोकारो के डीसी ने अपने इस नए कार्यक्रम का नाम दिया है ” रात्रि चौपाल “। डीसी बोकारो के रूप में 27 मई को अजय नाथ झा ने कार्यभार संभाला। उसके बाद जब 28 मई को अपने नए दायित्व का शुभारंभ “मानव सेवा आश्रम ” से किया तो जिले की जनता के बीच यह संदेश गया कि बन्दा थोड़ा दूजे ( अलग ) टाइप का है।” इसके बाद अपने सेवानिवृत सरकारी ड्राइवर सत्येंद्र मुन्ना की आदर और आत्मीयता के साथ विदाई, सड़क पर पड़े बुजुर्ग को त्वरित अस्पताल पहुंचना, उत्कृष्ट विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सम्मान समारोह आयोजित करना, जिला समाहरणालय के कार्यालयों सहित शौचालयों तक का निरीक्षण और उनको बेहतर करने की हिदायत, बोकारो स्टील सिटी को इंटरनेट फ्री जोन बनाने आदि के निर्देश ने आम लोगों के बीच इस संदेश को और भी गहरा कर दिया कि श्री झा जिले को मिले अब तक के उपायुक्तों से अलहदा हैं।

बोकारो की मीडिया से “मीडिया संवाद ” का आयोजन कर इन्होंने साफ – साफ कहा कि हम आपके आलोचनाओं को भी मुस्कुराते हुए सकारात्मक लेंगे और उससे भी जिले में बेहतर करने का प्रयास करेंगे। इसी कार्यक्रम में उन्होंने रात्रि पंचायत लगाने की भी घोषणा की। इस के तहत जिला के अधिकारी एक रात किस एक क्षेत्र में रहकर वहां के लोगों के साथ मिल बैठकर उनकी समस्याओं को जानेंगे और समाधान के लिए उचित कदम उठाएंगे। आज जो खबर आई है, उसके अनुसार तेनुघाट का गोमिया प्रखंड का ललपनिया क्षेत्र का तिलैया उपायुक्त के इस नए कार्यक्रम का पहला गवाह बनेगा। देखना यह है कि यह रात्रि चौपाल विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में क्या क्रांतिकारी परिवर्तन लाती है ?










