रायबरेली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में रायबरेली के एक पूरे परीक्षा केंद्र के सभी छात्र-छात्राओं के फेल होने का मामला सामने आया है। इस घटना ने छात्रों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन को गहरी चिंता में डाल दिया है। बताया जा रहा है कि छात्रों के फेल होने की वजह उनकी पढ़ाई नहीं, बल्कि विद्यालय स्तर पर प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों की गलत कोडिंग है।
मामला अटौरा क्षेत्र के कलौली स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज का है। यहां हाईस्कूल परीक्षा के लिए कुल 76 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें 36 छात्र और 40 छात्राएं शामिल थीं। सभी विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से लिखित और प्रयोगात्मक परीक्षा दी थी और अच्छे परिणाम की उम्मीद कर रहे थे।

जब यूपी बोर्ड का परिणाम घोषित हुआ तो विद्यालय के सभी 76 छात्र-छात्राएं फेल पाए गए। एक साथ पूरे सेंटर के सभी बच्चों के असफल होने पर विद्यालय प्रबंधन और अभिभावक हैरान रह गए। मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों को बोर्ड को भेजते समय गंभीर त्रुटि हो गई थी।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपी पर छात्रों के लिए ‘A+’ (ए प्लस) अंकित किया जाना था, लेकिन गलती से ‘AA+’ (ए ए प्लस) लिख दिया गया। बोर्ड की प्रणाली में ‘AA’ का अर्थ ‘Absent’ यानी अनुपस्थित माना जाता है। इसी कारण सभी विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक परीक्षा में अनुपस्थित मान लिया गया और परिणामस्वरूप सभी को फेल घोषित कर दिया गया।
इस गलती से छात्र-छात्राओं में भारी निराशा है। जिन बच्चों ने पूरे साल मेहनत की, वे अचानक फेल घोषित होने से मानसिक तनाव में हैं। अभिभावकों में भी विद्यालय प्रशासन और व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
विद्यालय के व्यवस्थापक मुनीश द्विवेदी ने बताया कि यह एक तकनीकी त्रुटि है, जिसे सुधारने के लिए लगातार बोर्ड से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य सर्वोपरि है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) संजीव सिंह ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए बोर्ड अधिकारियों से संपर्क स्थापित किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द समाधान कराया जाएगा ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित न हो।
अब सभी छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक बोर्ड के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, उम्मीद है कि जल्द ही इस त्रुटि को सुधारकर विद्यार्थियों को राहत दी जाएगी।










