आज भले ही हमारा समाज और देश प्रगति की राह पर है, फिर भी कुछ कुप्रथाएं अब भी अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। इन्हीं में से एक है दहेज प्रथा, जिसकी वजह से न जाने कितनी बेटियां अपनी खुशियां खो बैठती हैं और कई अब भी इसके दंश को झेल रही हैं। हाल ही में वाराणसी से दहेज प्रथा का एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहां लालच ने एक पिता के अरमानों को चकनाचूर कर दिया। शादी के दिन दुल्हन को बिना लिए ही बारात वापस लौट गई।
शादी में दहेज की डिमांड से टूटा पिता का दिल
भदौरा के रहने वाले अजय कुमार जायसवाल अपनी बेटी की शादी के लिए बड़े सपने लेकर वाराणसी आए थे। अजय ने बताया कि उनकी बेटी मानसी जायसवाल की शादी चितईपुर निवासी विशाल जायसवाल से तय हुई थी। शादी का भव्य आयोजन 4 दिसंबर को वाराणसी के राजवंश पैलेस में किया गया था।
उन्होंने बताया कि शादी का माहौल खुशी और उल्लास से भरा हुआ था, लेकिन जयमाल के समय अचानक लड़के ने कार की मांग कर दी। दूल्हे ने लड़की से कहा, “अगर कार नहीं दी गई तो मैं शादी नहीं करूंगा।” यह सुनकर लड़की के परिवार के होश उड़ गए। जब अजय कुमार ने असमर्थता जताई, तो दूल्हा जयमाल के स्टेज से उठकर चला गया।
यह सुनते ही दुल्हन के पिता अजय कुमार का दिल टूट गया। उन्होंने बार-बार समझाने की कोशिश की, लेकिन दूल्हे और उसके परिवार ने जिद नहीं छोड़ी और बारात बिना शादी किए ही लौट गई।
पिता की लाचारी और बेटी की आंखों में आंसू
अजय ने बताया कि, अपनी इज्जत बचाने के लिए लड़के और उसके परिवार को मनाने की हर संभव कोशिश की। परिवार ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। पिता ने टूटे हुए दिल से कहा, “मैंने अपनी बेटी की खुशियों के लिए सब कुछ किया, लेकिन वे लोग फिर भी संतुष्ट नहीं हुए। अचानक से कार कहां से लाऊं?”
पुलिस भी नहीं सुलझा पाई मामला
अजय कुमार ने बताया कि दुल्हे और उसके परिजनों के जाने के बाद उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन दूल्हा और उसके परिवार ने शादी से इनकार कर दिया।
दहेज के नाम पर मोटी रकम और उपहार दिए गए
अजय ने बताया कि लड़के वालों की मांग पर पहले ही ₹6.5 लाख बैंक ट्रांसफर, ₹12 लाख नकद, सोने की चेन और अंगूठी उपहार में दी गई थी। उन्होंने बताया कि अगस्त में धूमधाम से उन्होंने सगाई की भी रस्म की थी। अजय कुमार ने मण्डुआडीह थाने में एफआई दर्ज कराकर दुल्हें और उसके परिजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।