ब्यूरो रिपोर्ट: शिवा मौर्या
रायबरेली : गर्मी के आते ही अब आग लगने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई और नई गाड़ियां फ़ायर ब्रिगेड की बनाई है।साथ ही मोटरसाइकिल वाहनों में भी फायर सिस्टम लगाया गया है और रायबरेली को दी गई है। जिससे आग की घटना पर सूचना मिलते ही समय पर पहुंचकर काबू पाया जा सके, लेकिन यहां जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की मनमानी और सीयूजी नंबर के न मिलने व न उठने से लोगों का लाखों का नुकसान हो रहा है और फायर विभाग की टीम दफ्तर में बैठकर हर माह सिर्फ सरकार से तनख्वाह ले रही है। मामला जिले के मिलएरिया थाना क्षेत्र के समहिया का पुरवा गांव में यहां दोपहर संदिग्ध परिस्थितियों में 2 घरों में आग लग गई, आग की घटना से ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में धूं-धूं कर जलते घरों का मंजर देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की मशक्कत की लेकिन तब तक कई घर जलकर खाक हो चुके थे। यहां मिल एरिया थाना क्षेत्र के समहिया का पुरवा के ग्रामीणों के अनुसार,आग की घटना में कई घरों से धुआं उठते देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लकड़ी व खपरैल से बने घरों को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने जैसे-तैसे अपने परिवारों को सुरक्षित निकाला, लेकिन घरों में रखा सामान, अनाज और कीमती जरूरत का सामान जलकर राख हो गया। घनी आबादी और तंग गलियों के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच सकी जिससे आग पर काबू पाने में समय लगा,लेकिन कई घंटों की मेहनत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है। कि यहाँ आग संदिग्ध परिस्थितियों में लगी है, क्योंकि एक साथ कई घरों में आग लगना सामान्य नहीं लगता। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि यह किसी की साजिश का नतीजा हो सकता है, जबकि अन्य का मानना है कि बिजली की शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की आग से घटना हुई होगी।
आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षतिग्रस्त घरों का आकलन शुरू किया है ताकि पीड़ितों को मुआवजा दिया जा सके।
प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनके पास अब न तो रहने को घर है और न ही खाने को अनाज। ऐसे में सरकार को शीघ्र राहत पहुंचाने की जरूरत है।