रिपोर्ट : अनिल कुमार गुप्ता
रायबरेली जिले के सतांव क्षेत्र के दिल्ली खेड़ा गांव में स्थित ऐतिहासिक श्री काली बाबा धाम, जो लगभग 100 वर्ष पुराना है जहा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शनिवार को भव्य मेला, कुश्ती दंगल और रात में जवाबी कीर्तन का आयोजन संपन्न हुआ। इस दरबार में प्रारंभ से ही जन्माष्टमी पर मेला, दंगल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की परंपरा रही है। शनिवार को सुबह से शुरू हुआ मेला अपराह्न तक चला, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पहलवानों ने कुश्ती दंगल में अपने दांव-पेंच दिखाए। दंगल की सबसे बड़ी कुश्ती, जिसमें 11,100 रुपये का पुरस्कार था, बहराइच के लोहा सिंह ने जीती। उन्होंने रायबरेली के पूनमपुर के रामकरण को चित कर विजय हासिल की।
रात 8:00 बजे से हाजीपुर की दुर्गेश नंदनी और रायबरेली के शशि राज के बीच जवाबी कीर्तन का शानदार मुकाबला शुरू हुआ, जो रविवार सुबह 6:00 बजे तक चला। पूरी रात श्रोताओं ने धार्मिक, सामाजिक और राष्ट्रीय गीतों का आनंद लिया। इस आयोजन में भारी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक शामिल हुए, जिन्होंने इस सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव का भरपूर लुत्फ उठाया। श्री काली बाबा धाम का यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने का एक शानदार उदाहरण है।