ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य
उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति जनपद के अधिकारियों पर बेअसर साबित हो रही है। यहां सलोन तहसील के नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार और धन उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। जिस पर अधिवक्ता संघ ने नायब तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया है कि वह आम नागरिकों और वादकारियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने एसडीएम चंद्र प्रकाश और तहसीलदार दीपिका सिंह से नायब तहसीलदार की शिकायत दर्ज कराई है।अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से हो रही मनमानी और भ्रष्टाचार से लोग परेशान हैं।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्टाचार पर शीघ्र रोक नहीं लगी और कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। अधिवक्ताओं का कहना है कि नायब तहसीलदार की मनमानी और भ्रष्टाचार के कारण आम नागरिकों और वादकारियों को परेशानी हो रही है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि नायब तहसीलदार के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।
तहसील प्रशासन पर अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया है कि वे नायब तहसीलदार के भ्रष्टाचार पर आंखें बंद किए हुए हैं। आम नागरिकों ने भी अधिवक्ताओं के समर्थन में आवाज उठाई है। उनका कहना है कि नायब तहसीलदार की मनमानी और भ्रष्टाचार के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। आम नागरिकों ने मांग की है कि नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।