जारंगडीह दक्षिणी पंचायत के पुराना फिल्टर हाउस के समीप अहले सुबह दिखी लोगो को चमत्कार

यह जान या सुन कर एक बार को आप भी चौकने पर मजबूर हो जायेगे जबकि आपको पता चले कि वर्षों पूर्व जो पेड़ सुख कर पुरी तरह जमीन पर गिर चुका और लोग उस सुखे पेड़ की टहनियां तक काट कर इस्तेमाल कर लिया हो और वह पेड़ वर्षो बाद एकाएक पुर्व की तरह उसी स्थिति में खड़ा हो जाये, जिस घटना की चश्मदीद भी घटना स्थल पर उपस्थित हो तो शायद आप इस बात को कतई मानने को तैयार नहीं होगे और चश्मदीद की बातो से भी इत्तेफाक नही रखेगे। मगर इसी तरह की एक घटना शनिवार को अहले सुबह जारंगडीह दक्षिणी पंचायत के बंद पड़े चानक यानी जारंगडीह का पुराना फिल्टर हाउस के समीप घटी। जहां वर्षो पहले सुख कर गिरे एक पेड़ अचानक से पूर्व की भांति खड़ा हो गया। शायद इस बात की जानकारी किसी को नही होती अगर एक सीसीएल कर्मी सुरेश नोनिया इसका गवाह नही होता। उन्होंने दावा किया कि आज जब वे अपने प्रथम पाली की ड्यूटी करने अपने कार्य स्थल पुराना फिल्टर हाउस पहुचा तो लगभग सुबह 6:25 बजे मुझे कुछ आवाज सुनाई दी मै जब फिल्टर हाउस से बाहर निकल कर देखा तो पास मे जमीन पर गिरा एक विशाल काय सुखा पेड़ का तना आवाज के साथ खड़ा हो रहा था। यह दृश्य देख कर मेरे होश उड़ गये और मै बुरी तरह डर गया तथा शोर मचाता हुआ आबादी की ओर भाग गया। मेरी चिल्लाने की आवाज सुन वहां काफी लोग जमा हो गए तब मैने लोगो को उक्त चमत्कारी बाते से अवगत करवाया। उन्हें भी मेरी बाते पर विश्वास नहीं हुआ और लोगो की भीड़ उस पेड़ के दिशा में भागे तो वहां पहुच वे लोग भी अचम्भीत हुए बीना नही रह सके। उन्हे भी इस बात का यकीन नही हो रहा था कि भला कोई सुखा पेड़ जो वर्षो से जमीन पर गिरा पड़ा हो जिसके अधिकांश टहनियां लोगो द्वारा काट लिया गया हो और फिर वह एकाएक ऐसे उठ खड़ा हो सकता है। यह खबर जंगल में लगी आग की तरह क्षेत्र में फैल गया और जिसने भी इस खबर को सुना घटना स्थल पर पहुचना शुरू कर दिया और देखते ही देखते वहां लोगो की भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगो ने इसे प्राकृतिक चमत्कार कहा मगर अधिकांश इस बात से इत्तेफाक रखते नजर नहीं आये। ऐसे इस तरह की घटना क्षेत्र में पहली बार घटी थी इस लिए हर कोई अचम्भीत था।

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क्या कहते है इस मामले पर जानकार
इस घटना को लेकर जब हमने के०बी०कॉलेज बेरमो के प्राचार्य एल एन राय से जानकारी चाही तो उन्होंने एक पूर्व की घटना का उदहारण देते हुए बताये की यह कोई चमत्कार नही बल्कि पेड़ पौधे की एक प्राकृतिक प्रवृत्ति है। जिस कारण यदाकदा ऐसी घटनाएं देखने और सुनने को मिलती है। बहरहाल मामला कुछ भी हो इस घटना की चर्चा हरेक की जुबान पर सुनी जा रही थी और क्षेत्र के लोग घटना के बाद से आश्चर्य और चकित नजर आ रहे थे।

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