Saharanpur में चारा नीति के तहत नेपियर घास की बुवाई शुरू, 10 किसानों को 4000₹ अनुदान; एक बार रोपाई पर 3–5 साल तक मिलेगा हरा चारा

जनपद सहारनपुर ( Saharanpur ) में चारा नीति के तहत नेपियर घास की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर पशुपालन विभाग किसानों को नेपियर घास की जड़ें (रूट स्लिप्स) उपलब्ध करा रहा है। इस योजना के तहत 10 किसानों का चयन किया गया है और प्रत्येक किसान को 4000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। गौ आश्रय स्थलों के आसपास के किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है। वर्तमान में जिले में 35–40 हेक्टेयर में बुवाई शुरू हो चुकी है और फरवरी तक इसे बढ़ाकर 50 हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित है। योजना के अनुसार, तीन बीघा भूमि पर नेपियर घास उगाने वाले किसानों को अनुदान दो किस्तों में मिलेगा—

पहली किस्त: जड़ों की रोपाई के बाद

दूसरी किस्त: पहली कटाई के समय

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. एम.पी. सिंह के अनुसार, नेपियर घास बंजर भूमि पर भी आसानी से उगाई जा सकती है, जिससे गौशालाओं में पूरे वर्ष हरा चारा उपलब्ध रहेगा। जिन किसानों को यह जड़ें दी जाएंगी, उन्हें अगले वर्ष इसकी दोगुनी मात्रा विभाग के माध्यम से अन्य किसानों को उपलब्ध करानी होगी।फिलहाल जिले में 2 हेक्टेयर का लक्ष्य पूरा हो चुका है। नेपियर घास की विशेषता है कि इसे एक बार लगाने पर 3–5 वर्षों तक लगातार हरा चारा मिलता रहता है। किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए 20 नवंबर तक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं।

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