Sambhal : उत्तर प्रदेश का बेटा बना ग्लोबल स्टार, कनाडा यूनिवर्सिटी में टॉप-5 में जगह बनाकर रचा इतिहास

Sambhal : संभल जनपद के रजपुरा क्षेत्र से निकलकर एक युवा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसा परचम लहराया है, जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सकता है। डी.एस.एम. शुगर मिल रजपुरा के उप महाप्रबंधक राजन कुमार दीक्षित और उप प्रधानाचार्या उर्विजा दीक्षित (रंजना) के पुत्र उज्ज्वल दीक्षित ने कनाडा की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान से कंप्यूटर साइंस में डिग्री प्राप्त कर 2024-25 सत्र की डी ऑनर्स (टॉप-5) सूची में स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि किसी भी भारतीय छात्र के लिए असाधारण मानी जाती है।

कड़ी मेहनत से हासिल की शैक्षणिक ऊंचाई

उज्ज्वल ने यह मुकाम रातों-रात नहीं पाया। इसके पीछे वर्षों की अनुशासित पढ़ाई, लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टि और निरंतर परिश्रम रहा। कंप्यूटर साइंस जैसे प्रतिस्पर्धी विषय में टॉप-5 में स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ा, बल्कि विषय की गहराई को समझा।

उपलब्धि की खास बातें:

  • यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान से कंप्यूटर साइंस में उपाधि
  • 2024-2025 सत्र की डी ऑनर्स (टॉप-5) सूची में नाम
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण

परिवार और संस्थान में खुशी की लहर

उज्ज्वल की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि डीएसएम शुगर मिल परिवार और स्थानीय शैक्षणिक संस्थान भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। धामपुर शुगर मिल के ई.डी. सुभाष पांडे के धेवते (नाती) होने के कारण परिवार में विशेष उत्साह का माहौल है। शिक्षण से जुड़े परिवार में पले-बढ़े उज्ज्वल ने यह साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल सफलता की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

डिजिटल हेल्थ सेक्टर में नई जिम्मेदारी

डिग्री पूरी करने के बाद उज्ज्वल का चयन सस्केचेवान (कनाडा) के हेल्थ विभाग में डिजिटल हेल्थ एनालिटिक्स, मॉडलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पद पर हुआ है। यह पद न केवल प्रतिष्ठित है, बल्कि भविष्य की तकनीक से जुड़ा हुआ है। डिजिटल हेल्थ सेक्टर में डेटा आधारित निर्णय और एआई मॉडलिंग की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

नई भूमिका की प्रमुख बातें:

  • डिजिटल हेल्थ एनालिटिक्स
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडलिंग
  • आकर्षक पैकेज पर नियुक्ति

युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत

छोटे शहरों से निकलकर वैश्विक मंच पर पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन उज्ज्वल की कहानी यह संदेश देती है कि सीमाएं भौगोलिक नहीं, मानसिक होती हैं। उनकी सफलता उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी से घबराते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी और हेल्थ सेक्टर के संगम पर काम करने वाले युवाओं की वैश्विक स्तर पर भारी मांग है। ऐसे में उज्ज्वल का चयन भविष्य की दिशा को भी दर्शाता है।

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