रायबरेली : सदर तहसील क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के निराला नगर निवासी एक व्यक्ति पिछले तीन वर्षों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए जिला प्रशासन के चक्कर काट रहा है। आरोप है कि उसकी पत्नी और बेटे ने उसे कागजों में मृत दिखाकर वर्ष 2022 में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवा लिया।
निराला नगर निवासी दिनेश कुमार मिश्रा पुत्र स्व. गुरुप्रसाद मिश्रा ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह 16 मई 2019 को कुछ दिनों के लिए हरियाणा के सोनीपत चले गए थे और बीच-बीच में घर आते-जाते तथा मोबाइल से बातचीत करते रहते थे। इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर पत्नी नीलम मिश्रा और पुत्र आयुष मिश्रा ने उनकी कथित मृत्यु 29 अक्टूबर 2021 दर्शाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करा लिया।

पीड़ित का आरोप है कि इसके आधार पर 25 अक्टूबर 2022 को उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी करा लिया गया और नगर पालिका के कर निर्धारण रजिस्टर में संपत्ति के स्वामित्व के स्थान पर पत्नी और पुत्र का नाम दर्ज करा दिया गया। बाद में दोनों दुकान और मकान बेचने की कोशिश करने लगे, जिसकी जानकारी होने पर वह रायबरेली लौटे।
दिनेश कुमार मिश्रा का कहना है कि जब उन्होंने अपने नाम दर्ज संपत्ति को वापस कराने का प्रयास किया तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदर तहसील के लेखपाल अमित त्रिवेदी ने बिना समुचित जांच के रिपोर्ट लगा दी, जिसके आधार पर प्रमाण पत्र जारी हो गया।
पीड़ित ने जिलाधिकारी से फर्जी तरीके से जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र को निरस्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।










