रांची में गूंजा आस्था का संदेश, डॉ अंकुर बोले—प्रभु यीशु की कृपा से बदलेगी झारखंड की अर्थव्यवस्था

धुर्वा, रांची में आयोजित झारखंड रिवाइवल फेस्टिवल के समापन पर डॉ युसूफ अंकुर नरुला ने राज्य की अर्थव्यवस्था, युवाओं के भविष्य और समाज सेवा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।

Jharkhand Revival Festival : रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में आयोजित दो दिवसीय झारखंड रिवाइवल फेस्टिवल (Jharkhand Revival Festival) सह शांति महोत्सव का समापन गुरुवार को श्रद्धा और उल्लास के माहौल में हुआ। कार्यक्रम में झारखंड समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में मसीही विश्वासी पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान प्रार्थना, भजन और आध्यात्मिक संदेशों ने माहौल को भावुक और ऊर्जावान बनाए रखा।

अर्थव्यवस्था को लेकर जताई सकारात्मक उम्मीद

मुख्य वक्ता डॉ युसूफ अंकुर नरुला ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु यीशु की आशीष से झारखंड की आर्थिक स्थिति आने वाले समय में मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में खनिज संपदा के नए स्रोत मिलेंगे और विकास के नए रास्ते खुलेंगे। उनके अनुसार, यह समृद्धि केवल संसाधनों से नहीं बल्कि ईश्वरीय कृपा और सही दिशा से संभव होगी।

धर्म नहीं, जीवन परिवर्तन का संदेश

अपने प्रवचन में डॉ नरुला ने स्पष्ट किया कि यीशु का उद्देश्य धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि मसीह का संदेश प्रेम, सेवा और करुणा का है। यह लोगों को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है, न कि किसी विशेष धर्म में लाने की कोशिश।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवा का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि आने वाले समय में चर्च और पास्टर समाज सेवा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • अस्पताल और स्कूल खोलकर लोगों की मदद की जाएगी
  • गरीब और जरूरतमंदों तक शिक्षा और इलाज पहुंचाया जाएगा
  • समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम होगा

इससे समाज में मसीही समुदाय के प्रति विश्वास और सम्मान बढ़ेगा।

युवाओं को दिया बेहतर भविष्य का संदेश

डॉ नरुला ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने करियर का चयन ईश्वर के मार्गदर्शन में करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश और राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके अनुसार, सही दिशा और मेहनत से युवा झारखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

भजनों पर झूमे श्रद्धालु, दिखी एकता की झलक

कार्यक्रम में पंजाबी और हिंदी मसीही भजनों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। हजारों की संख्या में मौजूद लोग भक्ति में डूबकर झूमते नजर आए। इस दौरान कई प्रमुख धर्मगुरु और सामाजिक कार्यकर्ता भी मंच पर उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।

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