रायबरेली जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के छिछौरा गांव में एक किसान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। 20 मार्च को सुरेश पटेल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के पीछे सूदखोरों और कथित बैंक उत्पीड़न को जिम्मेदार बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि कर्ज और मानसिक दबाव ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
तीन दिन बाद हुई FIR दर्ज
मामले में पुलिस की शुरुआती निष्क्रियता से नाराज समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया। अखिल भारतीय कूर्मि क्षत्रिय महासभा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग थाना पहुंचे और साफ कहा कि जब तक मामला दर्ज नहीं होगा, अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। करीब तीन दिन की कड़ी मशक्कत और दबाव के बाद आखिरकार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज की।

FIR दर्ज होने के बाद ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने की सहमति दी। पुलिस और सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि गांव पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े नजर आए। पूरे गांव में गम और आक्रोश का माहौल रहा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम विदाई दी।
परिजनों की मांगें
परिवार ने प्रशासन के सामने कई अहम मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- आवासीय कॉलोनी का आवंटन
- कृषि योग्य भूमि का पट्टा
- सरकारी योजनाओं का तत्काल लाभ
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
सामाजिक संगठनों का बढ़ता दबाव
इस पूरे घटनाक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महासभा के पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का परिणाम है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सूदखोरी और आर्थिक शोषण के मुद्दे को सामने ला दिया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे और प्रशासन समय रहते क्यों नहीं जागता?
इस अवसर पर महासभा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवेश पटेल, जिला सचिव उमेश पटेल, एडवोकेट पूर्व एमएलसी प्रत्याशी उमाशंकर चौधरी, सपा नेता आशीष चौधरी, भीम आर्मी के तमाम पदाधिकारी, पंकज पटेल, कुलदीप चौधरी, नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एडवोकेट, ऊंचाहार ब्लॉक प्रमुख बी एन मौर्य, सर्वेश पटेल, अपना दल जिला अध्यक्ष डॉ दल बहादुर पटेल, विशाल पटेल एडवोकेट, राकेश पटेल, अमन पटेल, आनंद वर्मा, कमलेश पटेल, रविकांत पटेल, शिवधारी सिंह पटेल, विक्रमादित्य पटेल, रविकांत पटेल, रमाकांत पटेल, राम आसरे पटेल, अयोध्या प्रसाद पटेल, विजय बहादुर पटेल, अनिल कुमार पटेल, संतराम पटेल, सुनील पटेल, संतोष पटेल, शिवबचनं पटेल सहित गांव व क्षेत्र के बड़ी संख्या में उनके शुभचिंतक तथा महिलाएं उपस्थित होकर अंतिम बिदाई दी।










