बोकारो थर्मल में राजभाषा कार्यशाला आयोजित, हिंदी बनें कामकाज की भाषा

बोकारो थर्मल स्थित दामोदर घाटी निगम में आयोजित राजभाषा कार्यशाला में हिंदी के व्यावहारिक उपयोग और संवैधानिक महत्व पर जोर दिया, अधिकारियों ने दैनिक कार्यों में हिंदी अपनाने की अपील की।

बोकारो थर्मल स्थित दामोदर घाटी निगम (DVC) के ताप विद्युत केन्द्र में 25 मार्च 2026 को राजभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। तकनीकी भवन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय था—“राजभाषा हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व है।” कार्यक्रम का आयोजन राजभाषा विभाग द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति के मार्गदर्शन में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान सुशील कुमार अरजरिया की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि संगठन में हिंदी को लेकर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

हिंदी के व्यावहारिक उपयोग पर जोर

कार्यशाला के दौरान कार्यपालक (राजभाषा) रवि कुमार सिन्हा ने हिंदी के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी को अपनाने से न केवल कामकाज सरल होता है, बल्कि कर्मचारियों के बीच संवाद भी अधिक प्रभावी बनता है। साथ ही उन्होंने हिंदी से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों की जानकारी भी साझा की।

मुख्य अतिथि का संदेश

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी का उपयोग केवल सरकारी औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे रोजमर्रा के कार्यों में शामिल करना समय की जरूरत है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे हिंदी को अपने कामकाज का अभिन्न हिस्सा बनाएं, जिससे कार्यकुशलता और पारदर्शिता दोनों में सुधार होगा।

महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अलेक्जेंडर कुजूर ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हिंदी का प्रयोग संगठनात्मक दक्षता को बढ़ाता है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल और संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया।

प्रश्नोत्तरी और सहभागिता

कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए कार्यशाला के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
मुख्य आकर्षण:

  • हिंदी ज्ञान से जुड़ी प्रतियोगिता
  • सक्रिय भागीदारी
  • प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण

कार्यक्रम का सफल संचालन दीनानाथ शर्मा ने किया। वहीं आयोजन को सफल बनाने में तारकेश्वर प्रसाद जैसवारा का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और बढ़ा।

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