सहारनपुर में STF का बड़ा एक्शन: 800 करोड़ के क्रिप्टो घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर हजारों लोगों को बनाया शिकार

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर ठगी करता था। जांच में सामने आया है कि इस पूरे घोटाले की रकम करीब 700 से 800 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

कैसे पकड़ा गया मास्टरमाइंड?

STF को काफी समय से इस गिरोह की तलाश थी। आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी जतिंद्र राम (41) को सहारनपुर के दिल्ली रोड स्थित एक रेस्टोरेंट से गिरफ्तार कर लिया। वह हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला है और लंबे समय से फरार चल रहा था।

जतिंद्र राम इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना (किंगपिन) बताया जा रहा है। पूछताछ में उसने अपने कुछ साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनमें मोहित राणा, गौरव सिंह और गीता हजारिका शामिल हैं।

क्या था पूरा घोटाले का खेल?

यह गिरोह Sea Prime Capital (सी-प्राइम कैपिटल) नाम की एक फर्जी कंपनी के जरिए लोगों को निवेश के लिए फंसाता था।

  • लोगों को बताया जाता था कि वे क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगाएं
  • बदले में उन्हें बहुत ज्यादा रिटर्न (मुनाफा) देने का वादा किया जाता था
  • सोशल मीडिया, विज्ञापन और सेमिनार के जरिए लोगों को जोड़ा जाता था

शुरुआत में कुछ लोगों को थोड़ा मुनाफा भी दिया जाता था ताकि भरोसा बन सके। इसके बाद उनसे बड़ी रकम निवेश करवाई जाती थी।

फर्जी ऐप और तकनीक से ठगी

जांच में पता चला कि आरोपी एक खास ट्रेडिंग ऐप MT-5 का इस्तेमाल करते थे, जो भारत में अधिकृत नहीं है।

  • इस ऐप पर फर्जी अकाउंट बनाए जाते थे
  • लोगों को नकली मुनाफा दिखाया जाता था
  • निवेशकों को लगता था कि उनका पैसा तेजी से बढ़ रहा है

असल में यह सब एक डिजिटल धोखा था, जिससे लोगों को भ्रम में रखा जाता था।

विदेशों तक फैला नेटवर्क

इस गिरोह का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था।

  • ठगी का पैसा क्रिप्टो में बदलकर दुबई और मॉरीशस भेजा जाता था
  • वहां इस पैसे से संपत्ति खरीदी जाती थी
  • भारत में भी कई फर्जी कंपनियां (शेल कंपनी) बनाई गई थीं, जिनसे पैसे को सफेद किया जाता था

कितने लोग हुए शिकार?

पुलिस जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे:

  • देशभर में 3500 से ज्यादा एजेंट इस गिरोह से जुड़े थे
  • करीब 30,000 से ज्यादा यूजर आईडी बनाई गई थीं
  • कई राज्यों में इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह एक बहुत बड़ा और संगठित साइबर अपराध नेटवर्क था।

किन धाराओं में केस दर्ज?

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
  • मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA)
  • विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA)

इन धाराओं के तहत आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है।

आम लोगों के लिए चेतावनी

यह मामला एक बड़ी सीख भी देता है। आजकल ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टो के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

ध्यान रखने वाली बातें:

  • ज्यादा मुनाफे का लालच अक्सर धोखा होता है
  • किसी अनजान ऐप या कंपनी में पैसा न लगाएं
  • निवेश से पहले उसकी वैधता जरूर जांचें
  • शक होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत करें

निष्कर्ष

सहारनपुर में STF की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने हजारों लोगों की मेहनत की कमाई को ठग लिया।

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