झारखंड के फुसरो में इन दिनों प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गया है। इलाके में लगातार फैल रहे जहरीले धुएं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सड़कों पर धुंध जैसा माहौल बना रहता है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यह धुआं अवैध रूप से कोयला जलाने की वजह से फैल रहा है। इसके कारण आसपास का वातावरण खराब हो गया है और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।

व्यापारियों का फूटा गुस्सा
सोमवार को इस समस्या के खिलाफ युवा व्यवसायी संघ ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में व्यापारी सड़कों पर उतर आए और C.O. (अंचलाधिकारी) कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और साफ कहा कि अब वे चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
व्यापार और सेहत दोनों पर असर
व्यापारियों ने बताया कि जहरीले धुएं का असर सिर्फ लोगों की सेहत पर ही नहीं, बल्कि उनके व्यापार पर भी पड़ रहा है। ग्राहक बाजार आने से बच रहे हैं, जिससे दुकानों की बिक्री घट गई है।
कई लोगों को खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
घेराव के बाद व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में उन्होंने अवैध रूप से कोयला जलाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
साथ ही यह भी कहा गया कि जो लोग प्रदूषण फैला रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन का एक्शन मोड
प्रदर्शन के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आ गया। CCL ढोरी क्षेत्र के अमलो रेलवे साइडिंग में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस अभियान में CCL सुरक्षा गार्ड, CISF बल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किया गया। इस कार्रवाई से यह संकेत मिला कि प्रशासन अब इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है।
अंचलाधिकारी का बयान
इस पूरे मामले पर अंचलाधिकारी संजीत कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे पिछले ढाई वर्षों से बेरमो क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी कार्यशैली पर पहले कभी सवाल नहीं उठाए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उनका मनोबल गिराने का प्रयास हो रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
हालांकि व्यापारियों का कहना है कि सिर्फ एक बार की छापेमारी से समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है और अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
निष्कर्ष
फिलहाल फुसरो में माहौल गरम है। एक ओर व्यापारिक संघ आर-पार की लड़ाई के मूड में है, तो दूसरी ओर प्रशासन भी स्थिति संभालने की कोशिश कर रहा है।










