करंट का कहर! बदायूं में शटडाउन के बाद भी मौत, युवक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत…क्या ये पहला मामला?

हाईटेंशन लाइन पर काम के दौरान दर्दनाक हादसा, सिस्टम की लापरवाही या तकनीकी खामी—जांच में उठे कई सवाल

उत्तर प्रदेश के बदायूं से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। यहां वजीरगंज थाना क्षेत्र धिमरपुरा गांव में हुआ हादसे ने सबको सकते में डाल दिया है। यह दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी नाकामी की कहानी बयां कर रहा है। हाईटेंशन लाइन पर काम कर रहे युवक अरविंद यादव की जिस भयावह तरीके से मौत हुई, उसने हर किसी को झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि लाइन पर चढ़ते ही करंट दौड़ा और कुछ ही सेकेंड में उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना खौंफनाक था कि युवक की गर्दन धड़ से अलग हो गई और आधा शरीर तारों में ऊपर ही फंसा रह गया, जबकि जले हुए अंग नीचे गिरते रहे।

शटडाउन के बाद भी कैसे दौड़ा करंट?

सबसे बड़ा सवाल यही है, जब काम शुरू करने से पहले शटडाउन लिया गया था, तो फिर लाइन में करंट आया कहां से, ग्रामीणों का आरोप है कि लापरवाही के चलते सप्लाई दोबारा चालू कर दी गई, जबकि कुछ लोग बैक फीडिंग या तकनीकी गडबड़ी की आशंका जता रहे हैं। यहीं नहीं,करीब 6 घंटे बाद शव उतारने पहुंचे लोगों को भी हल्का करंट लगने की बात सामने आई है। जिसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है।

क्या पहली बार हुआ ऐसा मंजर?

बिजली हादसों में झुलसने और मौत के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस तरह पोल पर काम करते समय सिर धड़ से अलग हो जाना बेहद दुर्लभ और विचलित करने वाली घटना मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार हाईवोल्टेज करंट के अचानक झटके से शरीर में विस्फोटक प्रभाव पैदा हो सकता है, लेकिन इस स्तर की क्षति बहुत कम मामलों में देखने को मिलती है।

साथी फरार, सवालों के घेरे में सिस्टम

घटना के समय मौजूद साथी युवक फरार होने की बात कही जा रही है, जिसपर परिजन गंभीर आरोप लगा रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का गुस्सा साफ दिखा। लोगों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन होता तो एक जान बच सकती थी।
बरहाल मामले की जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। वही बिजली विभाग में इस हादसे के बाद हडकंप मचा हुआ है।

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