रायबरेली जिले के राही ब्लॉक अंतर्गत सरायदामो गांव में सड़क डामरीकरण कार्य रुक जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को गांव के दर्जनों लोग जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे और सड़क निर्माण कार्य में बाधा न डाले जाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते सड़क निर्माण कार्य को जबरन रुकवा रहे हैं, जिससे पूरे गांव के लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की यह सड़क करीब 50 परिवारों के लिए मुख्य रास्ता है। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल जाते हैं, किसान खेतों तक पहुंचते हैं और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाया जाता है। लंबे समय से सड़क खराब होने के कारण गांव के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था। हाल ही में सड़क के डामरीकरण का काम शुरू हुआ तो ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई थी, लेकिन कुछ लोगों द्वारा विरोध किए जाने से काम बीच में ही रुक गया।

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि गांव के ही राजा राम, जवाहरलाल, मोतीलाल और रवि शंकर समेत कुछ लोग सड़क निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन लोगों ने जबरन निर्माण कार्य रुकवा दिया, जिससे पूरे गांव के विकास पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क बनने से गांव में आवागमन की सुविधा बेहतर हो जाती, लेकिन कार्य रुकने से अब लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है और कई बार लोग फिसलकर घायल भी हो जाते हैं। वहीं गर्मियों में धूल उड़ने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब होने का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ता है। स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कीचड़ और धूल भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार बरसात के मौसम में बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
इसके अलावा गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे अस्पताल तक पहुंचाने में काफी दिक्कत होती है। खराब रास्ते की वजह से एंबुलेंस भी गांव तक आसानी से नहीं पहुंच पाती। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बन जाने से इन समस्याओं से काफी हद तक राहत मिल सकती थी।
“सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए रोका जा रहा काम”
ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के कारण पूरे गांव को परेशान कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि पूरे गांव के हित में किया जा रहा है।
एक ग्रामीण ने बताया, “करीब 50 परिवार इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। सड़क बन जाएगी तो गांव के लोगों को काफी राहत मिलेगी। लेकिन कुछ लोग अपनी जिद और स्वार्थ के कारण काम रुकवा रहे हैं। इससे पूरे गांव के लोग परेशान हैं।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराया जाए और जो लोग बाधा डाल रहे हैं उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीण
सरायदामो गांव के लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से सड़क की समस्या झेल रहे हैं। कच्ची सड़क होने के कारण गांव में आवागमन हमेशा मुश्किल बना रहता है। बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाता है और रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है। कई बार बाइक और साइकिल सवार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क डामरीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। जब प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया गया तो गांव के लोगों को उम्मीद जगी कि अब उनकी समस्या दूर हो जाएगी। लेकिन निर्माण कार्य रुकने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
ग्रामीणों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और सड़क निर्माण कार्य में यदि कोई अनावश्यक बाधा डाल रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरायदामो गांव के लोगों का कहना है कि सड़क सिर्फ एक रास्ता नहीं बल्कि गांव की जीवन रेखा है। सड़क बनने से गांव के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन आसान होगा।










