Maharashtra Toxic liquor: महाराष्ट्र के पुणे और आसपास के इलाकों में जहरीली शराब ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते 15 लोगों की जिंदगी खत्म हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। मरने वालों के परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है, जबकि प्रशासन अब हरकत में आया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मेथनॉल जैसी जहरीली चीज मिलाई गई थी, जिससे लोगों की हालत बिगड़ती चली गई।
फुगेवाडी और हडपसर बने मौत के केंद्र
सबसे ज्यादा मौतों की खबर पिंपरी-चिंचवड के फुगेवाडी और पुणे के हडपसर इलाके से सामने आई। गुरुवार को अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। किसी को पेट में तेज दर्द हुआ तो किसी को उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई। कुछ लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन कई की रास्ते में ही मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक फुगेवाडी में पांच लोगों की मौत हुई, जबकि हडपसर और आसपास के इलाकों में भी कई लोगों ने दम तोड़ दिया। 24 घंटे के भीतर मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंचने से प्रशासन में हड़कंप मच गया।
देसी शराब सप्लाई करने वाला आरोपी हिरासत में
घटना के बाद आबकारी विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। जांच में सामने आया कि एक ही व्यक्ति दोनों इलाकों में कथित तौर पर देसी शराब की सप्लाई कर रहा था। इसके बाद योगेश वानखेडे नामक आरोपी को हिरासत में लिया गया।
दापोडी थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
आबकारी विभाग ने शुरू की छापेमारी
राज्य आबकारी आयुक्त अतुल कानडे ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन इलाकों में अवैध शराब बेचे जाने की सूचना मिली है, वहां लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सस्ती और बिना लाइसेंस वाली शराब से दूर रहें।
अवैध शराब पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर महाराष्ट्र में अवैध शराब के कारोबार पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर गरीब और मजदूर वर्ग के लोग सस्ती शराब के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। हर साल जहरीली शराब से मौतों की खबरें आती हैं, लेकिन अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पाता।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब बिक रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की।










