Raebareli: रायबरेली जिले के महाराजगंज तहसील क्षेत्र में अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के कस्बा खैरहनी निवासी दिलीप कुमार ने आज दिनाँक 17 जुलाई 2026 दिन शुक्रवार को समय करीब 10 बजे जिलाधिकारी को सात पन्नों का विस्तृत शिकायती पत्र सौंपकर तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने तथा शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्च स्तरीय समिति से कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार वह अनुसूचित जाति का व्यक्ति है और उसकी भूमि पर वर्षों से कब्जा करने तथा अवैध निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है। उसने आरोप लगाया कि कई बार उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, थाना बछरावां और अन्य अधिकारियों को लिखित शिकायतें देने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं रुकवाया गया। उल्टा शिकायतों की जांच रिपोर्टों में विरोधाभास सामने आया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो गए।

जांच रिपोर्टों पर भी उठे सवाल
शिकायत में कहा गया है कि अलग-अलग अधिकारियों द्वारा की गई जांच रिपोर्टों में एक ही मामले को लेकर अलग-अलग निष्कर्ष दिए गए हैं। कहीं भूमि विवाद बताया गया तो कहीं कब्जा न होने की बात कही गई, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि मौके पर लगातार निर्माण कार्य चलता रहा। उसने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज कर प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया।
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीड़ित ने आरोप लगाया कि अवैध निर्माण रोकने के लिए उसने कई बार पुलिस कंट्रोल रूम, थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को फोन तथा प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि शिकायतकर्ता को धमकियां दी गईं और विरोध करने पर उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की बात कही गई।
साक्ष्य होने का दावा
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में ऑडियो, वीडियो, फोटो, कॉल रिकॉर्डिंग और पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों का भी उल्लेख किया है। उसका दावा है कि उसके पास पूरे मामले से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जो जांच में पेश किए जा सकते हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
दिलीप कुमार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि तहसील महाराजगंज के अधिकारियों से इतर किसी स्वतंत्र समिति या वरिष्ठ अधिकारियों की टीम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषी अधिकारियों एवं अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई संभव है।










