प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) का लाभ उठा रहे किसानों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और केवल पात्र किसानों तक ही लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी लाभार्थियों के लिए वार्षिक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। इसके लिए 30 जून 2026 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।
समय पर e-KYC नहीं कराने पर बढ़ सकती है परेशानी
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिन किसानों की ई-केवाईसी निर्धारित समय सीमा तक पूरी नहीं होगी, उनकी पात्रता की समीक्षा की जा सकती है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने में दिक्कत आ सकती है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करा लें।

योजना में पारदर्शिता और फर्जीवाड़ा रोकने पर दिया जोर
विभाग का कहना है कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जीवित लाभार्थियों तक पहुंचे। कई बार डाटा संबंधी त्रुटियों या अपात्र लोगों के नाम दर्ज होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी वजह से वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है ताकि सरकारी सहायता सही व्यक्ति तक पहुंच सके।
किसानों के लिए उपलब्ध हैं e-KYC के दो विकल्प
कृषि विभाग ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ई-केवाईसी के दो अलग-अलग तरीके उपलब्ध कराए हैं। किसान अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी भी विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
- बायोमेट्रिक e-KYC
- लाभार्थी किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
- यहां अंगूठे के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है।
- यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।
- फेस ऑथेंटिकेशन e-KYC
- किसान PM Kisan Mobile App का उपयोग कर स्वयं फेस ऑथेंटिकेशन कर सकते हैं।
- इसके अलावा ग्राम नोडल अधिकारी (VNO) अथवा विभाग के फील्ड कर्मियों की मदद भी ली जा सकती है।
- यह तरीका विशेष रूप से उन किसानों के लिए उपयोगी है जो जन सेवा केंद्र तक आसानी से नहीं पहुंच पाते।
किसानों से की गई समय रहते कार्रवाई की अपील
कृषि विभाग ने सभी लाभार्थियों से अनुरोध किया है कि वे 30 जून 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें। समय रहते सत्यापन पूरा होने पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किस्तें बिना किसी रुकावट के उनके बैंक खाते में पहुंचती रहेंगी। विभाग का मानना है कि अंतिम दिनों में बढ़ने वाली भीड़ और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए अभी से प्रक्रिया पूरी कर लेना बेहतर रहेगा।










