पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। घटना के बाद बंगाल पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमला अचानक हुआ था या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे थे अभिषेक बनर्जी
जानकारी के मुताबिक अभिषेक बनर्जी सोनारपुर इलाके में उन परिवारों से मिलने पहुंचे थे, जो चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित बताए जा रहे हैं। उनके दौरे को लेकर इलाके में पहले से ही राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ था। उनके काफिले के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए। शुरुआत विरोध प्रदर्शन से हुई, लेकिन देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

बताया गया कि भीड़ के कुछ लोगों ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद उन पर अंडे, पत्थर और जूते फेंके गए। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा कर्मियों को उन्हें भीड़ से निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
हमले के दौरान मची अफरा-तफरी
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। वीडियो में देखा गया कि अभिषेक बनर्जी के आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। कुछ लोग उनके काफी करीब पहुंच गए थे। इसी दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके ऊपर लगातार अंडे और पत्थर फेंके गए। कुछ लोगों ने उन्हें घेरने की भी कोशिश की।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षा कर्मियों को उनके चारों तरफ घेरा बनाना पड़ा। इस दौरान उनके कपड़े भी फट गए। वीडियो में यह भी दिखाई दिया कि उन्हें सुरक्षा के बीच वहां से बाहर ले जाया गया।
अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर लगाए आरोप
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी ने सीधे तौर पर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पहले से प्लान किया गया था और इसके पीछे राजनीतिक वजह थी। उनका कहना था कि उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है और सभी सबूत मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि उन पर ईंट भी फेंकी गई, जिससे उनकी आंख के पास चोट लगी। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके दौरे की जानकारी पहले से प्रशासन को दी गई थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
‘पुलिस कहीं नजर नहीं आई’
घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब उन पर हमला हुआ तब वहां पुलिस की मौजूदगी पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस परिवार से मिलने वह पहुंचे थे, उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता है। उनके मुताबिक ऐसे माहौल में पीड़ित परिवारों पर भी दबाव बनाया जा सकता है।
पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार
घटना के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों की मदद से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तपन माइती और आकाश नाम के दो लोग भी शामिल हैं, जो कथित तौर पर घटना से जुड़े वीडियो में दिखाई दिए थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों ने अकेले हमला किया या फिर इनके साथ और लोग भी शामिल थे।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रही हैं।
टीएमसी ने बताया सुनियोजित हमला
तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरी घटना को सुनियोजित हमला बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभिषेक बनर्जी को जानबूझकर निशाना बनाया गया। टीएमसी का आरोप है कि उनके नेता को डराने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की गई।
पार्टी ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो भी साझा किए और कहा कि हमले के बावजूद अभिषेक बनर्जी अपने कार्यक्रम से पीछे नहीं हटे। टीएमसी का दावा है कि उन्होंने बाद में भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
ममता बनर्जी ने जताई नाराजगी
घटना के बाद टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। पार्टी की ओर से कहा गया कि विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
हमले के बाद ममता बनर्जी कोलकाता के अस्पताल पहुंचीं, जहां अभिषेक बनर्जी का इलाज चल रहा था। उन्होंने अस्पताल में उनसे मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
अस्पताल में कराया गया इलाज
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनका मेडिकल चेकअप किया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर थी और उन्हें निगरानी में रखा गया।
अस्पताल में भर्ती होने की खबर के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं की भीड़ भी वहां पहुंचने लगी। बाद में ममता बनर्जी भी अस्पताल पहुंचीं।
विपक्षी नेताओं ने भी की घटना की निंदा
इस हमले को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की।
कई अन्य नेताओं ने भी इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोनारपुर की घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक तनाव
सोनारपुर में हुई इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। एक तरफ टीएमसी इस हमले को राजनीतिक साजिश बता रही है, तो दूसरी तरफ आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।










