रायबरेली में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने शहर के निकट संचालित सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लांट में चल रही विभिन्न प्रक्रियाओं को करीब से देखा और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। डीएम का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना था कि शहर से निकलने वाले कचरे का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
कचरे के संग्रहण से लेकर निस्तारण तक की जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ठोस अपशिष्ट के संग्रहण, छंटाई, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि प्रतिदिन कितनी मात्रा में कचरा प्लांट तक पहुंचता है और उसका किस प्रकार प्रबंधन किया जाता है। प्लांट में मौजूद संसाधनों और मशीनों की कार्यक्षमता को लेकर भी विस्तार से समीक्षा की गई।

रिसाइक्लिंग प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्लांट में रिसाइक्लिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि अधिकतम मात्रा में अपशिष्ट का पुनः उपयोग संभव हो सके। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से कचरे का निस्तारण न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि यह स्वच्छता अभियान को भी मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रत्येक चरण में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया।
पर्यावरणीय मानकों से समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्लांट का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
डीएम ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल सफाई तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से भी सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए प्लांट की कार्यप्रणाली में दक्षता और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से समय-समय पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
अधिकारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह सहित कई संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीएम को प्लांट की वर्तमान कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी भी दी।










