रांची की पहचान माने जाने वाले बिरसा चौक स्थित हाँडी रेस्टोरेंट में सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के बाद रेस्टोरेंट के संचालक जयकिशोर तिवारी ने प्रशासनिक प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर नहीं दिया गया और प्रशासन ने उनकी बात सुने बिना कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद मीडिया से बातचीत करते हुए जयकिशोर तिवारी ने कहा कि उनके पास मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं। यदि उन्हें पर्याप्त समय और अवसर दिया जाता, तो वे इन दस्तावेजों को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत कर सकते थे। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों से कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी सामने आ सकती थी।

सामान गायब होने का भी लगाया आरोप
जयकिशोर तिवारी ने प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि हाँडी रेस्टोरेंट परिसर में रखा गया उनका कुछ सामान अब वहां दिखाई नहीं दे रहा है। उनके अनुसार, इस संबंध में उन्होंने पहले भी संबंधित थाने को जानकारी दी थी और इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने कहा कि उनके सामान के गायब होने के मामले की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका मानना है कि इस पूरे मामले में कई ऐसे पहलू हैं जिनकी गहराई से जांच की आवश्यकता है।
लंबे समय से चल रहा है भवन को लेकर विवाद
मामले की पृष्ठभूमि पर बात करते हुए जयकिशोर तिवारी ने बताया कि जिस भवन में हाँडी रेस्टोरेंट संचालित होता रहा है, उसे लेकर उनका और भवन स्वामी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। यह विवाद केवल निजी स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े मामले प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं तक भी पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर उन्होंने अपनी आपत्तियां और शिकायतें विभिन्न स्तरों पर दर्ज कराई हैं। उनका दावा है कि उन्होंने कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी बात रखने की कोशिश की है। ऐसे में उनकी मांग है कि मामले के सभी पक्षों को समान रूप से सुना जाए और निष्पक्ष तरीके से निर्णय लिया जाए।
भवन स्वामी पक्ष ने नहीं दी प्रतिक्रिया
कार्रवाई के दौरान मीडिया ने भवन स्वामी पक्ष का भी पक्ष जानने का प्रयास किया। हालांकि, भवन स्वामी पक्ष ने कैमरे के सामने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। उन्होंने मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की और अपनी बात रखने से बचते नजर आए।
भवन स्वामी पक्ष की ओर से प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण विवाद के दूसरे पक्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। ऐसे में फिलहाल केवल एक पक्ष के दावे ही सामने आए हैं, जबकि दूसरे पक्ष का आधिकारिक रुख सामने आना अभी बाकी ।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नहीं की विस्तृत टिप्पणी
मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से भी मीडिया ने कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की। हालांकि अधिकारियों ने मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ) से संपर्क किया जा सकता है।
अधिकारियों की ओर से विस्तृत जानकारी नहीं दिए जाने के कारण कार्रवाई के पीछे के कारणों और प्रशासनिक प्रक्रिया के बारे में अभी पूरी तस्वीर सामने नहीं आ सकी है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल बिरसा चौक स्थित हाँडी रेस्टोरेंट में हुई इस प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। एक ओर रेस्टोरेंट संचालक अपनी बात रख रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भवन स्वामी पक्ष और प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
मामले से जुड़े कई तथ्यों की पुष्टि अभी होना बाकी है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
जयकिशोर तिवारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सभी दस्तावेजों और तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
वहीं, स्थानीय लोगों और व्यापारिक समुदाय की नजर भी इस मामले पर बनी हुई है। शहर के प्रमुख स्थान पर स्थित हाँडी रेस्टोरेंट से जुड़ा यह विवाद अब चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।










