रायबरेली जिले में भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि न्यायालय के आदेश भी उनके सामने बेअसर नजर आ रहे हैं। सलोन तहसील क्षेत्र के एक भूमिधर किसान ने आरोप लगाया है कि दीवानी न्यायालय द्वारा विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का स्थगन आदेश जारी किए जाने के बावजूद दबंगों द्वारा उसकी हिस्सेदारी वाली जमीन पर जबरन निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की मांग की है।
मामला सलोन तहसील क्षेत्र के जमालपुर हुर्रैया, थाना नसीराबाद निवासी अर्जुन कुमार से जुड़ा है। अर्जुन कुमार ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी भूमि डीह थाना क्षेत्र के ग्राम मऊ मजरे रोखा में स्थित है। उक्त भूमि गाटा संख्या 2832, रकबा 0.093 हेक्टेयर में दर्ज है, जिसमें वह अपने सह-खातेदारों के साथ संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज है।

पीड़ित का आरोप है कि गांव मऊ निवासी आशुतोष पुत्र दुर्गेश, सुशीला पत्नी दुर्गेश तथा अमरेश पुत्र भगवान बक्स उसकी हिस्सेदारी वाली भूमि पर जबरन निर्माण कार्य कर रहे हैं। भूमि विवाद को लेकर अर्जुन कुमार ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), रायबरेली की अदालत में मूल वाद संख्या 414/2026 दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने विवादित भूमि को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के उद्देश्य से 28 जुलाई 2026 तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया है।
अर्जुन कुमार का कहना है कि विपक्षी पक्ष को न्यायालय के स्थगन आदेश की पूरी जानकारी होने के बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास करते हैं तो विपक्षी पक्ष के लोग लाठी-डंडों और असलहों के साथ धमकी देते हैं तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि न्यायालय के आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए और अवैध निर्माण कार्य को रोका जाए। अर्जुन कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह अपने परिवार के साथ धरना देने को मजबूर होंगे।
उधर, शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए क्या कदम उठाता है।










