खनन के डंपरों से टूटी सड़क, हादसे के बाद भड़का ग्रामीणों का गुस्सा; बेलहरा में खनन कार्य रुकवाने की उठी मांग

बाराबंकी जिले की फतेहपुर तहसील क्षेत्र स्थित नगर पंचायत बेलहरा के भटुवामऊ इलाके में चल रहे मिट्टी खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन कार्य में लगे भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से बेलहरा से कछुवाहनपुरवा को जोड़ने वाला मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क पर गड्ढों और उबड़-खाबड़ हालात के कारण राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बाइक सवार परिवार दुर्घटना का हुआ शिकार

सोमवार को खराब सड़क के चलते एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कछुवाहनपुरवा निवासी अनुपम सिंह अपनी पत्नी और भाभी के साथ उपचार के लिए जा रहे थे। रास्ते में सड़क की खराब स्थिति के कारण उनकी बाइक अचानक असंतुलित होकर गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो पीछे से आ रहा भारी डंपर उन्हें अपनी चपेट में ले सकता था।

घटना के बाद मौके पर जुटे ग्रामीण

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और खनन कार्य के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि खनन स्थल तक जाने वाले भारी वाहन गांव की सड़कों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों की जान के लिए भी खतरा बन गए हैं। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

अनुमति प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने खनन की स्वीकृति को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि खनन क्षेत्र के आसपास बड़ी संख्या में आम के पेड़ मौजूद हैं। इसके अलावा कुछ दूरी पर ऐसी भूमि भी बताई जा रही है जो सरकारी अभिलेखों में विशेष श्रेणी में दर्ज है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन परिस्थितियों के बावजूद भारी वाहनों का संचालन लगातार जारी है, जिससे नियमों के पालन पर संदेह पैदा हो रहा है।

डंपर पलटने की घटना से बढ़ी आशंका

स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार दोपहर एक डंपर के पलटने की घटना भी सामने आई थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खनन गतिविधियों और वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • खनन कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
  • क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
  • भारी वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किया जाए।

पुलिस और प्रशासन ने दिया कार्रवाई का भरोसा

विरोध की सूचना मिलने पर मोहम्मदपुर खाला पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। वहीं खनन विभाग का कहना है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही अनुमति जारी की गई है और लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक नहीं हैं।

जांच रिपोर्ट पर टिकी आगे की कार्रवाई

फिलहाल ग्रामीणों और प्रशासन के बीच खनन को लेकर मतभेद बरकरार हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।

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