बोकारो थर्मल: बोकारो थर्मल क्षेत्र की महिलाओं और युवतियों के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दामोदर घाटी निगम (DVC) ने अपने निगमित सामाजिक दायित्व (CSR) कार्यक्रम के तहत ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कोर्स की शुरुआत कर स्थानीय महिलाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने का प्रयास किया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
परिचय सत्र में दिखा महिलाओं का उत्साह
प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित परिचय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने भाग लेकर इस नई पहल का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रशिक्षण की रूपरेखा, अवधि और इसके संभावित लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। आसपास के गांवों से भी महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जिससे इस प्रशिक्षण को लेकर उत्साह साफ नजर आया।

डीवीसी का लक्ष्य—कौशल के जरिए आत्मनिर्भरता
परिचय सत्र को संबोधित करते हुए डीवीसी सीएसआर के वरीय प्रबंधक मनीष कुमार चौधरी ने कहा कि केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को ऐसा कौशल देना भी जरूरी है जिससे वे स्वयं अपने लिए रोजगार के अवसर तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रभावित क्षेत्रों की महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।
ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़े आधुनिक प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस
प्रशिक्षिका सुष्मिता बर्णवाल ने प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को ब्यूटी एवं स्किन केयर से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख विषय:
- मेकअप तकनीक
- हेयर कटिंग और हेयर स्टाइलिंग
- फेशियल और स्किन केयर
- ब्यूटी ट्रीटमेंट की बुनियादी जानकारी
- ग्राहकों के साथ व्यवहार और प्रोफेशनल प्रबंधन
उन्होंने बताया कि आज के समय में ब्यूटी और वेलनेस क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में प्रशिक्षित युवतियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार दोनों की संभावनाएं मौजूद हैं।
पहले से चल रहा है सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण
प्रशिक्षण केंद्र में पहले से ही सिलाई-कढ़ाई से संबंधित कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब ब्यूटीशियन कोर्स शुरू होने से महिलाओं के लिए सीखने और रोजगार के विकल्पों का दायरा और विस्तृत हो गया है। इससे उन महिलाओं को भी लाभ मिलेगा जो घरेलू जिम्मेदारियों के साथ अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं।
प्रशिक्षण के बाद मिलेगा मार्गदर्शन और प्रमाण पत्र
डीवीसी की ओर से बताया गया कि प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे महिलाएं स्वयं का ब्यूटी पार्लर शुरू करने या इस क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
स्थानीय महिलाओं के लिए बन सकता है बदलाव का माध्यम
विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास आधारित ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। बोकारो थर्मल में शुरू हुई यह पहल न केवल महिलाओं को नया हुनर देगी, बल्कि उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।










