भीषण गर्मी में 25 दिनों से बिजली संकट, केदला-1 नंबर के ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना

घाटों केदला क्षेत्र में पूरी तरह ठप है बिजली आपूर्ति

रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत घाटों केदला क्षेत्र में पिछले 25 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। केदला-01 (एलसीएच कॉलोनी), भेलगढ़ा, महुवाँधोड़ा और जोंडरगढ़ा के ग्रामीण अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और परियोजना प्रबंधन को इस समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी से नाराज़ होकर लोगों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया।

करमटीया मोड़ और चोपड़ा मोड़ पर शांतिपूर्ण सड़क जाम

समस्या के समाधान की मांग को लेकर आज बसंतपुर क्षेत्र के करमटीया मोड़ और चोपड़ा मोड़ पर ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण सड़क जाम किया। इस दौरान झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के कार्यकर्ताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया।

प्रदर्शन के दौरान सीसीएल (CCL) के ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पूरी तरह से रोक दिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

बच्चों की पढ़ाई और पेयजल व्यवस्था पर गहरा असर

लगातार 25 दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। गर्मी और अंधेरे के कारण बच्चे ठीक से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

पेयजल संकट भी गंभीर होता जा रहा है। अधिकतर घरों में पानी मोटर पंप से निकलता है, लेकिन बिजली नहीं होने के कारण लोग पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। कई परिवारों को दूर से पानी लाना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर बढ़ी मुश्किलें

गर्मी में बिजली नहीं रहने से बुजुर्गों और बीमार लोगों की स्थिति और भी खराब हो गई है। पंखा और कूलर नहीं चलने से लोग रातभर जागने को मजबूर हैं। दवाइयों को सुरक्षित रखने में भी दिक्कत हो रही है।

महिलाओं को घर के कामकाज में अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे में सांप-बिच्छू का डर भी बना रहता है, जिससे लोगों में भय का माहौल है।

आंदोलनकारियों की चेतावनी—बिजली बहाल होने तक धरना जारी

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नरेश भुईया ने कहा कि यह लड़ाई जनता के हक की है। उन्होंने बताया कि कई बार अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रभावित क्षेत्रों में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जाती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

JLKM नेताओं ने विभागीय उदासीनता पर उठाए सवाल

झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता और मांडू विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बिहारी कुमार महतो ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी जरूरत का सवाल है।

महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी

धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं रहने से घर की सारी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

बच्चों की पढ़ाई, पानी की समस्या और गर्मी से राहत न मिल पाने के कारण परिवारों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में जारी रहा प्रदर्शन

इस आंदोलन में गयात्री देवी, रंजना देवी, विनीता देवी, रीता देवी, शोभा देवी, सपना देवी, लालदेव, मनोज, गुड्डू, सहदेव, करण, मनोज मुंडा, अरुण प्रजापति, प्रशांत, ओमप्रकाश गुप्ता, बबलू वर्मा, मोती चौहान, विनोद, नकुल, प्रीति, मेघलाल महतो, असलम, अनिल, निखिल, सतेंद्र कुमार (प्रखंड अध्यक्ष मांडू JLKM), आनंद सागर, मघन, राजेश, लक्ष्मण, शिवदयाल, महेंद्र, किस्टों, नंदकिशोर, मिथुन, बीरेंद्र, मुकेश, समोद, अनिता देवी, उषा देवी, कौशल्या देवी, नरेश, रवि, गुड्डू, धनेश्वर सहित सैकड़ों ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रशासन से जल्द समाधान की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन से अपील की है कि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कर क्षेत्रवासियों को राहत दी जाए।

फिलहाल केदला-1 नंबर और आसपास के गांवों के लोग भीषण गर्मी में बिजली के इंतजार में हैं और अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।

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