इंदौर शहर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में जमीन और मकान दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि एक संगठित गैंग पिछले दो वर्षों से लोगों को झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपये वसूल रहा है। अब तक 15 से अधिक परिवार इस गिरोह का शिकार हो चुके हैं। पीड़ितों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं।
पीड़ित परिवारों के अनुसार इस मामले का मुख्य आरोपी मुन्ना उर्फ सलीम बेग बताया जा रहा है, जो 51-ए चौधरी अपार्टमेंट ग्रीन पार्क से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को सस्ती जमीन और मकान दिलाने का लालच दिया। कई परिवारों से लाखों रुपये लिए गए, लेकिन न तो जमीन मिली और न ही मकान।

पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी एग्रीमेंट और अन्य दस्तावेज भी तैयार किए। जब लोगों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें टालने की कोशिश की गई। कई मामलों में कथित तौर पर धमकियां भी दी गईं।
इस मामले में पीड़ित डानिश खान और चांदनी बी का कहना है कि उनसे भी लाखों रुपये लिए गए हैं। उनके पास आरोपी का एक वीडियो भी मौजूद है, जिसमें वह पैसे लेने की बात स्वीकार करता दिखाई दे रहा है। पीड़ितों का दावा है कि वीडियो सहित कई अन्य दस्तावेजी साक्ष्य पुलिस को सौंपे जा चुके हैं।
एक महीने से FIR का इंतजार
पीड़ित डानिश खान ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को थाना चंदन नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय में भी आवेदन दिया गया, जिसकी प्राप्ति रसीद उनके पास मौजूद है। इसके बावजूद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई है।
पीड़ितों का आरोप है कि जब भी वे थाने पहुंचते हैं तो उन्हें केवल यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि “जांच चल रही है”। उनका कहना है कि जब पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और मामला धोखाधड़ी, जालसाजी तथा धमकी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा है, तब भी पुलिस द्वारा FIR दर्ज नहीं करना कई सवाल खड़े करता है।
पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़ित परिवारों का कहना है कि स्थानीय पत्रकारों, समाचार पोर्टलों और यूट्यूब चैनलों में मामला सामने आने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पीड़ितों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो अन्य परिवार इस ठगी का शिकार नहीं बनते। उनका कहना है कि आरोपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं और शिकायतकर्ताओं पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
15 से अधिक परिवारों ने लगाया ठगी का आरोप
पीड़ितों के अनुसार यह कोई अकेला मामला नहीं है। ऐसे 15 से अधिक परिवार सामने आए हैं जिन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें जमीन या मकान दिलाने के नाम पर ठगा गया। सभी परिवारों के पास भुगतान से जुड़े दस्तावेज, एग्रीमेंट और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।
पीड़ितों का मानना है कि यह किसी एक व्यक्ति द्वारा की गई धोखाधड़ी नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का काम है, जिसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि सभी मामलों को एक साथ जोड़कर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) या क्राइम ब्रांच से जांच कराई जानी चाहिए।
पीड़ितों की प्रमुख मांगें
पीड़ित परिवारों ने प्रशासन और पुलिस से चार प्रमुख मांगें की हैं—
- चंदन नगर थाना तत्काल FIR दर्ज कर मुख्य आरोपी मुन्ना उर्फ सलीम बेग और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करे।
- सभी 15 से अधिक मामलों को एक साथ जोड़कर EOW या क्राइम ब्रांच से जांच कराई जाए।
- आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर आवश्यक होने पर कुर्की की कार्रवाई की जाए ताकि पीड़ितों की रकम वापस मिल सके।
- FIR दर्ज करने में हुई देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
न्याय नहीं मिला तो कोर्ट जाएंगे पीड़ित
पीड़ित डानिश रिजवी और अन्य परिवारों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि वे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत अदालत में आवेदन देकर FIR दर्ज कराने की मांग करेंगे।
पीड़ितों ने कहा, “हमारे पास वीडियो और दस्तावेजी सबूत हैं। इसके बावजूद पुलिस हमारी बात नहीं सुन रही है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और हमें डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। यदि हमें न्याय नहीं मिला तो हम कोर्ट जाएंगे और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”
आज पुलिस आयुक्त को सौंपेंगे ज्ञापन
मामले से जुड़े सभी पीड़ित परिवार आज पुलिस आयुक्त, इंदौर को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग करेंगे। उनका कहना है कि उन्हें कानून और प्रशासन पर भरोसा है, लेकिन अब तक हुई देरी ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।










