Raebareli: रायबरेली शहर में परिवहन विभाग और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की कथित लापरवाही आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सारस चौराहा ओवरब्रिज इन दिनों अवैध बस स्टैंड का रूप ले चुका है, जहां लग्जरी और निजी वीआईपी बसों का खुलेआम जमावड़ा लगा रहता है। व्यस्त मार्ग होने के बावजूद बस चालकों द्वारा ओवरब्रिज पर ही यात्रियों को बैठाना-उतारना और लंबे समय तक बसें खड़ी करना रोजमर्रा की बात बन गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरब्रिज पर एक साथ कई निजी बसें खड़ी होने से यातायात प्रभावित होता है। सुबह और शाम के समय यहां जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे गंभीर बात यह है कि तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के बीच बसों का इस तरह खड़ा होना किसी भी समय बड़े सड़क हादसे की वजह बन सकता है।

नागरिकों का कहना है कि कई बार इस अवैध बस संचालन और पार्किंग की शिकायत संबंधित विभागों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और यातायात व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण निजी बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं और नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
रविवार, 2 अगस्त 2026 को शाम करीब 5:00 बजे सारस चौराहा ओवरब्रिज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वायरल वीडियो में कई निजी बसें ओवरब्रिज पर खड़ी दिखाई दे रही हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता नजर आ रहा है। यह मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के सारस चौराहे के पास का बताया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरब्रिज पर अवैध रूप से बसें खड़ी कराने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इस स्थान को तत्काल अवैध बस स्टैंड बनने से रोका जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों के आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।










