वाराणसी में ‘लेडी सिंघम’ नीतू काद्दयान का अवैध खनन माफियाओं पर हंटर, 2 जेसीबी व 4 ट्रैक्टर सीज

वाराणसी कमिश्नरेट के गोमती जोन में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने ऐसा शिकंजा कसा है, जिससे खनन से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई है। कपसेठी थाना क्षेत्र के कोइलार गांव में रविवार को पुलिस, खनन विभाग और राजस्व टीम की संयुक्त कार्रवाई में बड़े पैमाने पर मिट्टी के अवैध खनन का खुलासा हुआ। मौके पर चल रही गतिविधियों को देखते हुए टीम ने बिना देर किए दो जेसीबी मशीनों और मिट्टी लादकर ले जा रही चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया।

डीसीपी नीतू काद्दयान के सख्त निर्देश पर हुई कार्रवाई

कमिश्नरेट स्तर पर अवैध खनन और उसके परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गोमती जोन की डीसीपी नीतू काद्दयान ने संबंधित थानों और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया था कि अवैध खनन के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इसी सख्ती का असर कपसेठी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में साफ दिखाई दिया, जहां संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर खनन के पूरे नेटवर्क पर एक साथ चोट की।

कोइलार गांव के गाटा संख्या 527 पर मिला अवैध खनन

जांच और छापेमारी के दौरान टीम ग्राम कोइलार स्थित गाटा संख्या 527 तक पहुंची। प्राथमिक पड़ताल में सामने आया कि करीब 2.167 हेक्टेयर भूमि पर मिट्टी का खनन किया जा रहा था और उसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए दूसरी जगहों तक पहुंचाया जा रहा था। मौके पर मशीनें और वाहन सक्रिय अवस्था में मिले, जिससे यह साफ हुआ कि काम सुनियोजित तरीके से चल रहा था। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी वाहनों को जब्त कर लिया।

पिंडरा एसडीएम की अगुवाई में चला संयुक्त अभियान

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि इसे केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर समन्वित अभियान के रूप में अंजाम दिया गया। पिंडरा एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस, खनन विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने एक साथ दबिश दी। यही वजह रही कि मौके पर मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और अवैध खनन में इस्तेमाल हो रहे संसाधन सीधे प्रशासन के कब्जे में आ गए।

जब्त वाहन थाने भेजे गए, आगे बढ़ी कानूनी कार्रवाई

कार्रवाई के बाद दोनों जेसीबी मशीनों और चारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को थाने में दाखिल कराया गया। पुलिस ने मामले में अग्रिम विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब खनन से जुड़े दस्तावेज, भूमि की स्थिति, परमिशन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

खनन माफियाओं में मचा हड़कंप

कपसेठी और आसपास के इलाकों में यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें उठती रही हैं, लेकिन इस बार प्रशासन की कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि अब ऐसे मामलों को सामान्य उल्लंघन मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। डीसीपी नीतू काद्दयान की सख्त कार्यशैली के कारण पुलिस की यह कार्रवाई इलाके में एक मजबूत संदेश के रूप में देखी जा रही है।

अवैध खनन पर आगे भी जारी रह सकता है अभियान

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई किसी एक दिन की औपचारिक कवायद नहीं बल्कि आगे चलने वाले अभियान की शुरुआत मानी जा रही है। जिन इलाकों में मिट्टी, बालू या अन्य खनिजों के अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां भी जांच और छापेमारी की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन की प्राथमिकता अब केवल वाहन पकड़ना नहीं, बल्कि खनन के पीछे सक्रिय पूरे तंत्र की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है।

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