Muharram 2026: बोकारो थर्मल में शांति समिति की बैठक, ताजिया जुलूस के रूट-चार्ट और सुरक्षा पर हुआ चर्चा

Muharram 2026: बोकारो थर्मल में मोहर्रम को लेकर प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में रविवार को बोकारो थर्मल थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक का मकसद साफ था—पर्व के दौरान माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, ताजिया जुलूस व्यवस्थित तरीके से निकले और किसी भी तरह की अफवाह या अव्यवस्था को शुरुआत में ही रोका जा सके।

रूट-चार्ट और समय को लेकर प्रशासन का स्पष्ट संदेश

बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर पिंकू कुमार यादव ने की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ताजिया जुलूस केवल तय रूट-चार्ट और निर्धारित समय के अनुसार ही निकाला जाएगा। प्रशासन का मानना है कि जुलूस के मार्ग और समय को लेकर स्पष्टता रहने से भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर ढंग से संभाली जा सकती है। इसी वजह से समिति के सदस्यों के साथ रूट और समय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि बाद में किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।

भड़काऊ नारों और झंडों पर सख्त रुख

बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन ने कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी कड़ा रुख दिखाया। थाना प्रभारी ने कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के धार्मिक उन्माद फैलाने वाले, भड़काऊ या देशविरोधी नारे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। साथ ही दूसरे देश का झंडा लहराने जैसी गतिविधियों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया कि पर्व की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संदेश के जरिए पुलिस ने यह संकेत भी दे दिया कि इस बार मोहर्रम के दौरान सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

भाईचारे और संयम पर सबसे ज्यादा जोर

शांति समिति की बैठक का सबसे अहम पक्ष सामाजिक सौहार्द रहा। पुलिस प्रशासन ने दोनों समुदायों के लोगों से अपील की कि मोहर्रम के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें। थाना प्रभारी ने कहा कि कई बार छोटे-छोटे विवाद या सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक सूचनाएं माहौल बिगाड़ने की वजह बन जाती हैं। ऐसे में लोगों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को आगे न बढ़ाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत दें सूचना

बैठक में सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की भूमिका पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने कहा कि यदि पर्व के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध गतिविधि, असामाजिक तत्वों की हरकत या माहौल बिगाड़ने की कोशिश नजर आए, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय सहयोग से ही किसी भी संवेदनशील पर्व को बेहतर ढंग से संपन्न कराया जा सकता है। यही वजह रही कि बैठक में मौजूद लोगों से प्रशासन ने सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई।

बिजली व्यवस्था पर भी हुई चर्चा

मोहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस और धार्मिक आयोजनों में बिजली आपूर्ति का महत्व भी बैठक में प्रमुख मुद्दा रहा। प्रशासन ने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि जुलूस या आयोजन के समय किसी तरह की परेशानी न हो। स्थानीय स्तर पर बिजली बाधित होने की स्थिति कई बार अव्यवस्था की वजह बन जाती है, इसलिए इस बार पहले से ही विभाग को सतर्क रहने को कहा गया है।

दोनों समुदायों के लोगों की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा

बैठक में दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे यह संदेश गया कि पर्व को शांति और सौहार्द के साथ संपन्न कराने के लिए समाज भी प्रशासन के साथ खड़ा है। मौके पर बाबूलाल गिरी, श्रवण सिंह, मोतीलाल महतो, जितेंद्र यादव, विश्वनाथ महतो, विश्वनाथ यादव, मंजूर आलम, अख्तर अंसारी, राजू पंडित, महबूब आलम, दीपक रजक, हरेराम यादव और करीम अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से एसआई रविंदर कुमार, दीपक पासवान, भगीरथ महतो, रविंदर सिंह, पंकज भारद्वाज और एएसआई भगवान सिंह कामत सहित पुलिस बल के जवान उपस्थित थे।

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