रायबरेली: सलोन थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में हुई मेवालाल पासी की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। इसी क्रम में मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को लगभग 11:00 बजे नगीना सांसद एवं भीम आर्मी/आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ रायबरेली पहुंचे। शहर कोतवाली क्षेत्र के सारस चौराहे पर उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था कि किसी तरह की कोई अव्यवस्था न होने पाए
बताया जा रहा है कि सांसद चंद्रशेखर आजाद यहां से सीधे मेवालाल पासी के परिजनों से मुलाकात करने जाएंगे और उन्हें सांत्वना देने के साथ पूरे मामले की जानकारी लेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद रहे।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सलोन थाना क्षेत्र में मेवालाल पासी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि यह महज दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। इसी मांग को लेकर परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ गए थे और पुलिस पर पथराव की घटना सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया था।
घटना के बाद पुलिस ने 5 नामजद और करीब 250 अज्ञात लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस कार्रवाई के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया तथा पासी समाज सहित विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
अब इस पूरे प्रकरण ने राजनीतिक रूप ले लिया है। रायबरेली शहर के कई प्रमुख चौराहों पर “मेवालाल पासी हत्याकांड” लिखे बैनर और पोस्टर लगाए गए हैं। सांसद चंद्रशेखर आजाद के दौरे को इसी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके दौरे के बाद इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
प्रशासन की ओर से सांसद के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। वहीं, स्थानीय लोगों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि सांसद चंद्रशेखर आजाद की मुलाकात के बाद इस मामले में आगे क्या राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा सामने आती है।










