Bokaro Thermal: उम्र भले ही सिर्फ 10 साल हो, लेकिन हौसला किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं। डीवीसी के 79वें स्थापना दिवस पर आयोजित तीन किलोमीटर मैराथन में शानदार भागीदारी निभाने वाले दो छात्र दिवित कुमार और अभिषेक कुमार को गुरुवार को सम्मानित किया गया। प्रशासनिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में दोनों बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर उनकी खेल भावना की सराहना की गई। इस सम्मान ने न केवल दोनों छात्रों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि क्षेत्र के अन्य बच्चों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश दिया।
कम उम्र में बड़ा लक्ष्य हासिल करने पर मिली सराहना
सम्मान समारोह के दौरान वरीय महाप्रबंधक (एचआर) ए. कुजूर ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में तीन किलोमीटर जैसी चुनौतीपूर्ण दौड़ पूरी करना आसान नहीं होता। इसके लिए अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि दिवित और अभिषेक ने जिस साहस के साथ दौड़ पूरी की, वह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। ऐसे बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए ताकि वे खेलों में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

स्थापना दिवस की यादगार उपलब्धि बनी बच्चों की भागीदारी
डीवीसी के स्थापना दिवस पर आयोजित मैराथन में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन सबसे अधिक चर्चा इन दोनों नन्हे धावकों की रही। कम उम्र होने के बावजूद उन्होंने पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ दौड़ पूरी की। कार्यक्रम के बाद से ही स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों के बीच उनकी इस उपलब्धि की सराहना की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि बच्चों की यह उपलब्धि खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों ने खेलों से जुड़े रहने की दी सलाह
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने दोनों छात्रों को भविष्य में भी नियमित अभ्यास जारी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी मजबूत आधार है। यदि बच्चों को शुरुआत से सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे बड़े स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
समारोह में कई अधिकारी रहे मौजूद
सम्मान समारोह में डीवीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वरीय प्रबंधक (एचआर) पार्थो सारथी मुखर्जी, प्रबंधक (एचआर) सुनील कुमार तथा सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी उमर रशीद समेत अन्य अधिकारियों ने दोनों बच्चों को शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि खेलों के प्रति ऐसा समर्पण समाज के लिए प्रेरणादायक है।










