Raebareli: भारत की राजधानी दिल्ली में सदन के बाहर प्रधानमंत्री के घेराव के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में रायबरेली में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार देर रात जोरदार प्रदर्शन किया। शहर कोतवाली क्षेत्र के डिग्री कॉलेज चौराहे पर हुए प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्टर जलाने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर पोस्टर जलाने से रोक दिया, जिसके चलते पुलिस और सपाइयों के बीच धक्का-मुक्की व तीखी नोकझोंक हुई।
प्रदर्शन का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए विरोध दर्ज कराया। इसी दौरान प्रधानमंत्री के पोस्टर को जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के लिए शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह अपनी टीम के साथ आगे बढ़े। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई जैसी स्थिति बन गई और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी आशीष निगम, सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाया और किसी तरह मामला शांत कराया। कुछ समय तक डिग्री कॉलेज चौराहे पर तनाव का माहौल बना रहा, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार, 21 जुलाई 2026 की रात करीब 10:30 बजे का है। पुलिस और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी गहमागहमी साफ दिखाई दे रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और वायरल वीडियो सहित पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन रोकने का प्रयास किया गया। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।










