Raebareli: रायबरेली जिले के विकास खंड सलोन में शनिवार को आयोजित माटीकला स्थापना पखवाड़ा एवं जागरूकता शिविर पारंपरिक कारीगरों के लिए नई उम्मीद लेकर आया। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य वर्षों से मिट्टी के शिल्प से जुड़े लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगर, शिल्पकार और ग्रामीण शामिल हुए।
विधायक ने किया शुभारंभ, विरासत बचाने पर दिया जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ सलोन के विधायक अशोक कुमार ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मिट्टी की कला केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण परंपरा की जीवंत पहचान है। बदलते समय में इस कला को आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार से जोड़ना बेहद आवश्यक है, ताकि कारीगरों की मेहनत को उचित पहचान और आर्थिक लाभ मिल सके।

योजनाओं की जानकारी देकर बढ़ाया आत्मविश्वास
शिविर के दौरान अधिकारियों ने माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कारीगरों को बताया गया कि किस प्रकार वे पंजीकरण कर प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और स्वरोजगार से जुड़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। साथ ही आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और सरकारी सहायता से संबंधित सभी जरूरी पहलुओं को सरल भाषा में समझाया गया, जिससे ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान हो सके।
10 कारीगरों को मिला पंजीकरण प्रमाणपत्र
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब रहा जब विधायक अशोक कुमार ने माटीकला क्षेत्र में कार्यरत 10 लाभार्थियों को माटीकला कारीगर पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किए। प्रमाणपत्र मिलने के बाद लाभार्थियों ने इसे अपने काम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। आयोजकों का कहना था कि ऐसे पंजीकरण से कारीगरों को भविष्य में सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सीधा लाभ मिल सकेगा।
स्वरोजगार और आधुनिक तकनीक पर विशेष फोकस
शिविर में यह भी बताया गया कि पारंपरिक मिट्टी के उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर पैकेजिंग और डिजिटल बाजार से जोड़कर उनकी मांग बढ़ाई जा सकती है। विशेषज्ञों ने कारीगरों को गुणवत्ता सुधारने और नए उत्पाद विकसित करने के लिए प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संतोष गौतम, उपजिलाधिकारी सलोन अंकित कुमार, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला अग्रणी प्रबंधक, खंड विकास अधिकारी शशि कुमार तिवारी सहित कई विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन एस.एस. पांडेय ने किया। अधिकारियों ने कारीगरों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और भविष्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पारंपरिक माटीकला को सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ा जाए तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। सलोन में आयोजित यह शिविर इसी सोच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।










