Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी चल समारोह को लेकर बैठक, झांकी और अखाड़ा संचालकों को दिए गए जरूरी निर्देश

Anant Chaturdashi चल समारोह में समय की पाबंदी रहेगी अनिवार्य, एक झांकी पर अधिकतम दो स्पीकर की अनुमति; उत्कृष्ट अखाड़ों को प्रमाण-पत्र के साथ मिलेगी पुरस्कार राशि

इंदौर: अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) के मौके पर निकलने वाले पारंपरिक चल समारोह को व्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में झांकी एवं अखाड़ा संचालकों की बैठक हुई। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस, नगर निगम और प्रशासन के अधिकारियों के साथ झांकी एवं अखाड़ा संचालक मौजूद रहे। बैठक में समारोह के दौरान भीड़ प्रबंधन, समय-सारणी, ध्वनि व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

अनंत चतुर्दशी चल समारोह में समय की पर सख्ती पाबंदी

प्रशासन ने साफ किया कि इस बार चल समारोह में समय की पाबंदी को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक किसी एक झांकी या अखाड़े के निर्धारित समय से अधिक रुकने पर पीछे आने वाले दलों का पूरा क्रम प्रभावित होता है। इसका सीधा असर दर्शकों पर भी पड़ता है। इसलिए मंच के सामने प्रत्येक अखाड़े को तय समय में अपना प्रदर्शन पूरा करना होगा।

अखाड़ों के प्रदर्शन पर समय सीमा, देरी पर कटेंगे अंक

अखाड़ों के प्रदर्शन को लेकर भी समय सीमा तय की गई है। निर्णायक मंच के सामने निर्धारित अवधि से ज्यादा प्रदर्शन करने पर अंक काटे जाएंगे। यानी बेहतर प्रदर्शन के साथ समय प्रबंधन भी अखाड़ों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य पूरे कार्यक्रम को तय क्रम में आगे बढ़ाना है, ताकि शहरवासियों को सभी झांकियां और अखाड़े देखने का पर्याप्त अवसर मिल सके।

झांकी पर सिर्फ दो स्पीकर, DJ पूरी तरह प्रतिबंधित

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए झांकियों पर साउंड सिस्टम को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। प्रत्येक झांकी में अधिकतम दो स्पीकर लगाने की अनुमति होगी। इससे अधिक स्पीकर मिलने पर संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चल समारोह में DJ की अनुमति नहीं रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि ध्वनि व्यवस्था संबंधी नियम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू किए जाएंगे।

झांकियों की ऊंचाई और मंचों की चौड़ाई पर तय मानकों का पालन

चल समारोह के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए झांकियों की ऊंचाई और मंचों की चौड़ाई को निर्धारित मानकों के अनुसार रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि इससे मार्ग पर आवागमन सुचारू रहेगा और सड़क किनारे मौजूद लोगों को भी झांकियों का प्रदर्शन देखने में परेशानी नहीं होगी।

उत्कृष्ट अखाड़ों को मिलेगा पुरस्कार

पारंपरिक खेलों और अखाड़ों की कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों को सम्मानित किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार उत्कृष्ट अखाड़ों को प्रमाण-पत्र के साथ नगद पुरस्कार राशि भी दी जाएगी। इससे पारंपरिक कला और खेलों से जुड़े युवाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

शाम 6 बजे झांकियों का सिलसिला होगा शुरू

इस बार झांकियों का क्रम पूर्ववत रखा गया है। चल समारोह की शुरुआत शाम 6 बजे होगी। सबसे पहले श्री खजराना गणेश मंदिर की झांकी निकलेगी। इसके बाद श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुवक मंडल, छोटा गणपति मंदिर चौराहा, इंदौर विकास प्राधिकरण, इंदौर नगर निगम और विभिन्न मिलों की झांकियां क्रम से शामिल होंगी। नई झांकी को इस बार शामिल नहीं किया जाएगा।

मिल क्षेत्र से राजबाड़ा तक रहेगा निर्धारित मार्ग

चल समारोह मिल क्षेत्र से शुरू होकर मजदूर मैदान, भंडारी मिल श्रम शिविर, देवी अहिल्या मार्ग, एमजी रोड, कृष्णपुरा, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नृसिंह बाजार चौराहा, सीतलामाता बाजार, गौराकुंड और खजूरी बाजार होते हुए राजबाड़ा पहुंचेगा। इसके बाद झांकियां अपने-अपने मिल क्षेत्रों की ओर वापस लौटेंगी।

अखाड़ों के साथ वाहनों की संख्या भी होगी सीमित

प्रशासन ने अखाड़ों के साथ चलने वाले वाहनों की संख्या भी सीमित कर दी है। प्रत्येक अखाड़े के साथ अधिकतम एक बैलगाड़ी और एक ठेला गाड़ी रखने की अनुमति होगी। इससे अधिक घोड़ा गाड़ी या ठेले आने पर उन्हें रोका जाएगा। हाथी, ऊंट समेत अन्य बड़े जानवरों को चल समारोह में शामिल करने की अनुमति नहीं होगी।

पहचान के लिए अखाड़े के सदस्यों को पहनना होगा बैज

अखाड़ों के सदस्यों की पहचान आसानी से हो सके, इसके लिए उन्हें अखाड़े का नाम लिखी बनियान, पोशाक या बैज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अखाड़े के सदस्यों को अनुशासित रखने की जिम्मेदारी खलीफा या उस्ताद की होगी। पुलिस प्रशासन भी जुलूस के दौरान गतिविधियों पर नजर रखेगा।

नशे और धारदार हथियारों पर पूरी तरह रोक

चल समारोह के दौरान अखाड़ों में शामिल किसी भी व्यक्ति के नशे या मद्यपान करने पर कार्रवाई की जाएगी। नशे की हालत में मिलने वाले व्यक्ति को पुलिस अधिकारी जुलूस से बाहर कर सकते हैं। धारदार हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा। खलीफा प्रतीकात्मक रूप से तलवार रख सकेंगे, जबकि हाकी या अन्य घातक हथियार मिलने पर पुलिस उन्हें जब्त करेगी। प्रशासन ने सभी संचालकों से नियमों का पालन करते हुए अनुशासन और गरिमा के साथ समारोह को सफल बनाने की अपील की है।

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