Farrukhabad News: बाल तस्करी पर प्रशासन का शिकंजा, अब ढाबों-होटलों से लेकर बसों तक चलेगा रेस्क्यू अभियान

Farrukhabad में बाल तस्करी रोकने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ढाबों, होटलों, दुकानों और बसों में संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा, जबकि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की विशेष निगरानी होगी।

Farrukhabad: मानव तस्करी, विशेषकर बाल तस्करी के मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने और बच्चों के शोषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने अब निगरानी और रेस्क्यू अभियान तेज करने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने बाल तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की और आगे की रणनीति पर मंथन किया।

बैठक में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, एआरटीओ, रोडवेज विभाग, सहायक श्रमायुक्त, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानव एवं बाल तस्करी के मामलों में कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाए तथा रेस्क्यू अभियानों की संख्या बढ़ाई जाए।

हॉटस्पॉट पर रहेगी विशेष नजर

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिले में बाल श्रम और मानव तस्करी की आशंका वाले अधिक से अधिक हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएं। इन स्थानों पर नियमित निगरानी के साथ अचानक छापेमारी कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को शोषण और जबरन काम कराने जैसी परिस्थितियों से बाहर निकाला जा सके।

ढाबे, होटल और दुकानों पर संयुक्त छापेमारी

बैठक में श्रम विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि एएचटीयू टीम और जिला प्रोबेशन अधिकारी की संयुक्त टीम बनाकर ढाबों, होटलों, दुकानों समेत ऐसे प्रतिष्ठानों पर अभियान चलाया जाए, जहां बच्चों से काम कराए जाने की आशंका हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि संदिग्ध स्थानों की गंभीरता से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

अब बसों में भी होगी निगरानी

बैठक में बच्चों को दूसरे जनपदों से समूह के रूप में बसों के जरिए लाकर विभिन्न कार्यों में लगाए जाने की आशंका पर भी गंभीरता से चर्चा हुई। इसी को देखते हुए एआरटीओ और रोडवेज विभाग को निर्देश दिए गए कि बसों में भी निगरानी और अभियान चलाया जाए। दूसरे जनपदों से समूह में आने वाले बच्चों की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए, ताकि किसी भी प्रकार की बाल तस्करी या शोषण की स्थिति को समय रहते पकड़ा जा सके।

अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी, अभियान को जमीन पर उतारने पर जोर

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल तस्करी की रोकथाम के साथ-साथ संभावित पीड़ित बच्चों की पहचान, रेस्क्यू और उनके संरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करना रहा। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।

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