Indore: इंदौर पुलिस ने शहर में सक्रिय आदतन अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी अनवर कादरी उर्फ “डकैत” को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, अवैध हथियार समेत 27 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों की भी गहन जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में चली कार्रवाई
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर शहरभर में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मयंक अवस्थी, पुलिस उपायुक्त नरेंद्र सिंह रावत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सदर बाजार थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज की। लगातार जुटाए गए तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

फरवरी 2025 की घटना बनी गिरफ्तारी की वजह
पुलिस जांच के अनुसार फरवरी 2025 में आरोपी अनवर कादरी ने जावेद खान के घर में जबरन प्रवेश किया था। आरोप है कि वह लाइसेंसी बंदूक लेकर घर पहुंचा, जहां मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले की जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया कि जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया, वह कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से जारी फर्जी शस्त्र लाइसेंस के आधार पर हासिल किया गया था।
फर्जी लाइसेंस के मामले में भी दर्ज है गंभीर अपराध
पुलिस ने इस पूरे मामले में आर्म्स एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। विवेचना के दौरान आरोपी लगातार पुलिस से बचता रहा, लेकिन आखिरकार 6 अगस्त 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस फर्जी दस्तावेज तैयार करने और हथियार हासिल करने के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
आपराधिक रिकॉर्ड ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अनवर कादरी उर्फ “डकैत” का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में कई गंभीर अपराध दर्ज हैं। कुछ मामलों में वह लंबे समय तक फरार भी रहा, जिसके चलते पुलिस को उसकी तलाश में विशेष अभियान चलाना पड़ा।
आरोपी पर दर्ज प्रमुख अपराध
- हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, बलवा और अवैध हथियार जैसे 27 से अधिक गंभीर मामले।
- कई मामलों में फरारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच का दायरा बढ़ा, अन्य कड़ियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार कराने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।
सराहनीय भूमिका
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक पप्पू लाल शर्मा, उप निरीक्षक जयेन्द्र दत्त शर्मा, प्रधान आरक्षक सुधीर राय तथा आरक्षक कृष्ण कुमार त्रिपाठी की महत्वपूर्ण एवं अहम भूमिका रही।










